हजारीबाग जन्माष्टमी पर हजारीबाग के पंच मंदिर में ताला देख भड़के श्रद्धालु, मालिकाना हक को लेकर फिर बढ़ा विवाद
हजारीबाग: शहर के बीच बाजार यानी हृदय स्थल में
स्थित ऐतिहासिक पंच मंदिर को लेकर पिछले कई वर्षों
से चला आ रहा विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। जिला प्रशासन की पहल के बाद लोगों
को उम्मीद थी कि मंदिर के रखरखाव और संचालन को लेकर विवाद समाप्त हो जाएगा,
लेकिन मंदिर के मालिकाना हक को लेकर
कथित दावेदार प्रदीप कुमार के रुख के कारण मामला
फिर गरमाता नजर आ रहा है।बताया जा रहा है कि जिला प्रशासन की ओर से बैठक कर एक
कमेटी का गठन किया गया था और मंदिर के रखरखाव की जिम्मेदारी कमेटी को सौंपी गई थी।
इसके बावजूद श्रद्धालुओं का आरोप है कि मंदिर में बार-बार ताला लगाए जाने से
पूजा-पाठ में परेशानी पैदा की जा रही है। शुक्रवार
को जन्माष्टमी के मौके पर जब श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पंच मंदिर पहुंचे तो
मंदिर के मुख्य गेट पर ताला लगा देखकर लोगों में नाराजगी फैल गई। श्रद्धालुओं का
कहना है कि जन्माष्टमी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पर मंदिर बंद रहना बेहद
दुर्भाग्यपूर्ण है।मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी और लोग मौके पर ही
विरोध जताने लगे। लोगों का कहना है कि यदि मंदिर सार्वजनिक धार्मिक स्थल है तो
श्रद्धालुओं को पूजा करने से रोकना उचित नहीं है। श्रद्धालुओं
ने दावा किया कि झारखंड हाईकोर्ट की ओर से मंदिर में
ताला लगाए जाने को लेकर आदेश जारी किया गया है। लोगों के अनुसार, 17 अगस्त को पंच मंदिर विवाद के संबंध में
विशेष आदेश जारी किया गया था, जिसमें
मंदिर में ताला लगाने पर रोक की बात कही गई है।श्रद्धालुओं ने सवाल उठाया कि यदि
अदालत के आदेश के बावजूद मंदिर के गेट पर ताला लगा है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन
है और प्रशासन की ओर से कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।हालांकि, कोर्ट के आदेश की वास्तविक शर्तों और
वर्तमान स्थिति की आधिकारिक पुष्टि किया जाना आवश्यक है। जन्माष्टमी
के दिन जिला प्रशासनिक कार्यालय बंद रहने के बावजूद श्रद्धालुओं ने फोन के माध्यम
से प्रशासन को मंदिर में ताला लगाए जाने की शिकायत की है। लोगों का कहना है कि
धार्मिक आयोजन के दिन मंदिर बंद होने से श्रद्धालुओं के सामने गंभीर समस्या
उत्पन्न हो गई है।श्रद्धालुओं ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर मंदिर का ताला
खुलवाने और पूजा-अर्चना की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। मंदिर
को लेकर चल रहे विवाद के बीच श्रद्धालुओं ने परिसर में कथित अवैध वसूली के भी आरोप
लगाए हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर में परिवारों और अन्य श्रद्धालुओं से
अलग-अलग गतिविधियों के नाम पर कथित तौर पर पैसे लिए जाते हैं।इसके अलावा वाहन
पड़ाव शुल्क को लेकर भी श्रद्धालुओं ने सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि मंदिर
परिसर में अलग-अलग चीजों के लिए अलग-अलग तरह की वसूली की जा रही है।हालांकि,
इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि
नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है। पंच
मंदिर को लेकर पिछले कई वर्षों से मालिकाना हक और संचालन को लेकर विवाद चला आ रहा
है। जिला प्रशासन द्वारा कमेटी गठन के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब मंदिर से
जुड़े विवाद का स्थायी समाधान निकल जाएगा।लेकिन जन्माष्टमी के दिन मंदिर के मुख्य
गेट पर ताला लगे मिलने के बाद एक बार फिर विवाद गहरा गया है। श्रद्धालुओं ने
प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना की
व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।अब सभी की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई और
मंदिर विवाद से जुड़े न्यायिक आदेशों के अनुपालन पर टिकी हुई है।जन्माष्टमी के दिन
मंदिर पर ताला, श्रद्धालुओं
में आक्रोश
हाईकोर्ट के आदेश का
हवाला देकर उठाए सवाल
जिला प्रशासन से फोन
पर शिकायत
अवैध वसूली के भी
लगाए आरोप
मंदिर विवाद का
समाधान नहीं होने से बढ़ी परेशानी















