हजारीबाग अंधेरे में डूबी हजारीबाग झील कौन देगा इसका जवाब स्ट्रीट लाइट की बदहाली पर उठे सवाल
हजारीबाग शहर की पहचान और
लोगों के पसंदीदा स्थलों में शामिल हजारीबाग झील परिसर में शाम ढलते ही कई
हिस्सों में अंधेरा छा जाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। करोड़ों रुपये
खर्च कर विकसित किए गए इस परिसर में स्ट्रीट लाइटों की स्थिति ठीक नहीं है। कहीं
लाइटें बंद हैं तो कहीं पोल क्षतिग्रस्त पड़े हैं।हाल में सामने आई रिपोर्ट में
झील परिसर में कई स्ट्रीट लाइट खराब होने और कुछ पोल टूटे होने की बात सामने आई
थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इन स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी
किसकी है और शिकायतों के बावजूद व्यवस्था दुरुस्त क्यों नहीं हो रही है खास
बात यह है कि 19
अगस्त को नगर निगम की समीक्षा बैठक में स्ट्रीट लाइट की
समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। इसके बावजूद झील परिसर के
कई हिस्सों में अंधेरा पसरा होना अधिकारियों की निगरानी और कार्यशैली पर सवाल खड़ा
कर रहा है।लोगों का कहना है कि जब किसी सार्वजनिक स्थल पर नियमित रूप से लोगों की
आवाजाही होती है, तो
वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था बेहद जरूरी है। खराब स्ट्रीट लाइट के कारण न
सिर्फ लोगों को परेशानी होती है, बल्कि
सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। शहरवासियों
का कहना है कि अधिकारी प्रेस वार्ता में विकास कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी
देते हैं, लेकिन जनता की
रोजमर्रा की समस्याओं पर भी उतनी ही गंभीरता से जवाब देना चाहिए।झील परिसर शहर के
प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में से एक है। ऐसे में यहां की बुनियादी सुविधाओं का
लगातार खराब रहना संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब
सवाल सीधा है झील परिसर की खराब
स्ट्रीट लाइटें कब ठीक होंगी स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी
किस विभाग या एजेंसी की है शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं
हुई और
झील परिसर के कई हिस्सों को अंधेरे से बाहर लाने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कब ठोस
कदम उठाएंगे शहरवासियों
की मांग साफ है कि उन्हें सिर्फ प्रेस वार्ता में विकास के दावे नहीं, बल्कि जमीन पर उसका असर भी दिखाई देना
चाहिए।जनता
को प्रेस वार्ता नहीं झील परिसर में रोशनी
और जमीन पर कार्रवाई चाहिए।समीक्षा बैठक के
निर्देश के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था
उपलब्धियों के साथ
समस्याओं का जवाब भी जरूरी
जनता पूछ रही है सीधे
सवाल















