जयशंकर ने जेलेंस्की से की मुलाकात, रूस से तेल खरीद पर भारत का रुख साफ, बोले- 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा जरूरी
कीव: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान यूक्रेन की ओर से भारत द्वारा रूस से तेल खरीद को लेकर चिंता जताई गई। सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने यूक्रेन की चिंता को स्वीकार करते हुए भारत की ऊर्जा सुरक्षा और 1.4 अरब आबादी की जरूरतों से जुड़े पक्ष को सामने रखा। भारत ने स्पष्ट संकेत दिया कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीद जारी रखने के विकल्प को बनाए रखेगा। जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के साथ भी बातचीत की। बाद में जारी बयान में उन्होंने भारत की ऊर्जा जरूरतों का जिक्र करते हुए कहा कि यह समझना जरूरी है कि 1.4 अरब लोगों के लिए ऊर्जा की व्यवस्था करना कितनी बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत यूक्रेन के रुख का सम्मान करता है और उम्मीद करता है कि यूक्रेन भी भारत के दृष्टिकोण का सम्मान करेगा। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर जयशंकर ने कहा कि शांति के प्रयासों के बावजूद युद्ध जारी है और अब यह पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। उनके मुताबिक, किसी देश द्वारा तेल, खनिज, धातु या उर्वरक खरीदने या नहीं खरीदने से यह संघर्ष अपने आप समाप्त नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध का समाधान बातचीत, कूटनीति और समझौते के जरिए ही निकाला जा सकता है। जयशंकर ने भारत के पुराने रुख को दोहराते हुए कहा कि भारत लगातार यह कहता रहा है कि यह युद्ध का दौर नहीं है। किसी भी समस्या का स्थायी समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को लंबा खींचने के बजाय दुश्मनी खत्म करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया था। जयशंकर की जेलेंस्की के साथ मुलाकात ऐसे समय हुई है जब रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत की रूस से ऊर्जा खरीद को लेकर पश्चिमी देशों तथा यूक्रेन की चिंताएं लगातार चर्चा में हैं। भारत एक ओर शांति और बातचीत के जरिए युद्ध समाप्त करने की वकालत करता रहा है, वहीं दूसरी ओर अपनी ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को भी प्राथमिकता देता है।यूक्रेन की चिंता पर जयशंकर का जवाब
रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या बोले जयशंकर?
'यह युद्ध का दौर नहीं है'
भारत का संतुलित कूटनीतिक रुख















