दामोदर में डूबी 16 वर्षीय सोनाक्षी की तलाश में NDRF का सर्च ऑपरेशन, रांची से पहुंची विशेष टीम
झरिया: सुदामडीह थाना क्षेत्र के अमलाबाद घाट पर जितिया पर्व के नहाय-खाय के दौरान दामोदर नदी में डूबी 16 वर्षीय किशोरी सोनाक्षी कुमारी की तलाश तेज कर दी गई है। किशोरी की तलाश के लिए रांची से NDRF की विशेष टीम अमलाबाद घाट पहुंची है। टीम ने आधुनिक उपकरणों के साथ नदी में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार, सोनाक्षी कुमारी आरा की रहने वाली थीं और अपने ननिहाल लोदना आई थीं। जितिया पर्व के नहाय-खाय के दौरान वह दामोदर नदी में स्नान करने गई थीं। इसी दौरान नदी के तेज बहाव की चपेट में आने के बाद वह डूब गईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय गोताखोरों ने नदी में किशोरी की तलाश शुरू की। हालांकि नदी की गहराई और तेज बहाव के कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगातार प्रयास के बावजूद सफलता नहीं मिलने के बाद रांची से NDRF की विशेष टीम को बुलाया गया। टीम के मौके पर पहुंचने के बाद आधुनिक तकनीकी उपकरणों की मदद से संभावित डूब क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। NDRF के जवान नदी के अलग-अलग हिस्सों में किशोरी की तलाश कर रहे हैं। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद हैं और सर्च ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने दामोदर नदी में कथित अवैध और अनियंत्रित बालू खनन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी में जगह-जगह बालू खनन के कारण गहरे गड्ढे बन गए हैं। उनका दावा है कि इन गड्ढों और नदी के तेज बहाव की वजह से घाटों पर हादसे का खतरा बढ़ गया है। हालांकि बालू खनन और इस घटना के बीच सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दामोदर नदी में अवैध बालू खनन पर प्रभावी रोक लगाने के साथ संवेदनशील घाटों को चिह्नित कर वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पर्व-त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु नदी घाटों पर पहुंचते हैं। ऐसे में गहरे पानी वाले स्थानों की पहचान, सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी चेतावनी बोर्ड लगाए जाने से हादसों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।स्थानीय गोताखोरों ने भी की तलाश
नदी में अवैध बालू खनन पर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल
संवेदनशील घाटों पर सुरक्षा की मांग















