नावाडीह से इस वक्त एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। मां जलेश्वरी मेला को लेकर नावाडीह प्रखंड के लोह नगरी भेंडरा पंचायत अंतर्गत जमुनिया नदी तट पर स्थित मां जलेश्वरी मंदिर परिसर में ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर परिसर पहुंचे और मेला कमेटी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शन का नेतृत्व युवा नेता नीतू विश्वकर्मा ने किया। इस दौरान ग्रामीणों ने मेला कमेटी हाय हाय हिसाब दो हिसाब दो मंदिर निर्माण पूरा करो कमेटी की मनमानी नहीं चलेगी जैसे नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया।ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष आयोजित मां जलेश्वरी मेले का आय व्यय अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। वहीं इस वर्ष 16 जनवरी से प्रस्तावित सात दिवसीय मेले को लेकर न तो नई मेला कमेटी का गठन किया गया है और न ही मंदिर परिसर की साफ सफाई मां जलेश्वरी की प्रतिमा की पेंटिंग एवं अधूरे मंदिर निर्माण कार्य पूरे किए गए हैं।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मेला कमेटी मनमाने तरीके से मेले का संचालन कर रही है और मेले से होने वाली आय का दुरुपयोग कर निजी लाभ उठाया जा रहा है जिससे इस ऐतिहासिक और धार्मिक मेले की छवि धूमिल हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर मेला संचालन को पारदर्शी बनाने की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि यह मेला जिला प्रशासन की निगरानी में आयोजित होता है इसके बावजूद व्यवस्थाओं की बदहाली कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। प्रदर्शन के दौरान अशोक यादव संदीप यादव गौतम महतो अक्षय सिंह विकास सिंह धीरज विश्वकर्मा देवी दयाल नायक भुना नायक बबली तुरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।अब सबकी नजरें 16 जनवरी पर टिकी हैं जब मां जलेश्वरी मेले का उद्घाटन बोकारो उपायुक्त द्वारा किया जाना है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि उद्घाटन के दौरान प्रशासन ग्रामीणों की नाराजगी को कैसे संभालता है या मेला कमेटी समय रहते व्यवस्था सुधार पाती है या नहीं।फिलहाल इलाके में माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और प्रशासन की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।