हजारीबाग जिले के पदमा थाना क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के बढ़ते मामलों ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र अब संगठित अपराध और गैरकानूनी कारोबार का अड्डा बनता जा रहा है जिससे स्थानीय लोग भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं।सूत्रों के अनुसार एनएच-33 स्थित इटखोरी मोड़ से लेकर कदवा पांच माइल तक संचालित कई लाइन होटलों में खुलेआम अवैध कारोबार चल रहा है। इनमें स्पंज आयरन स्क्रैप लोहा डीजल और सरकारी चावल तक की चोरी और हेराफेरी शामिल है। आरोप है कि ट्रकों के माध्यम से यह अवैध खेल संगठित तरीके से किया जा रहा है जिसमें चालक होटल संचालक और अन्य लोग शामिल हैं।इसके अलावा मंगरमुह क्षेत्र में इको सेंसिटिव जोन के भीतर अवैध क्रशर और पत्थर खदानों का संचालन भी जारी है। अवैध ब्लास्टिंग से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है वहीं भारी वाहनों के कारण ग्रामीणों की जान जोखिम में बनी हुई है।चौंकाने वाली बात यह है कि पूर्व में खनन विभाग द्वारा छापेमारी और प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद यह कारोबार थमने के बजाय और बढ़ता नजर आ रहा है। वहीं अवैध महुआ शराब की भट्ठियां भी कई गांवों में खुलेआम संचालित हो रही हैं।इस पूरे मामले पर आंदोलनकर्ता पुरुषोत्तम पांडेय ने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर अवैध कारोबार बिना प्रशासनिक संरक्षण के संभव नहीं है। उन्होंने अधिकारियों नेताओं और संबंधित तंत्र की मिलीभगत की आशंका जताई है।लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। अब देखना यह होगा कि इस संगठित अवैध नेटवर्क पर कब तक कार्रवाई होती है या फिर पदमा इसी तरह अपराध का केंद्र बना रहेगा।