मधुपुर रेलवे स्वास्थ्य केंद्र में 8वें पोषण पखवाड़ा के तहत महिलाओं और बच्चों के बीच जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करना और कुपोषण के प्रति लोगों को जागरूक करना था।कार्यक्रम के दौरान सीनियर एक्सटेंशन एजुकेटर अजय शंकर दुबे ने बताया कि बच्चों के जीवन के पहले छह वर्ष उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में संतुलित और पौष्टिक आहार देना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने माताओं को सलाह दी कि नवजात शिशु को जन्म के बाद छह महीने तक केवल मां का दूध ही पिलाएं जिससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। साथ ही महिलाओं को एनीमिया से बचाव के लिए नियमित रूप से आयरन और फोलिक एसिड लेने की भी सलाह दी गई।विशेषज्ञों ने बच्चों को जंक फूड और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रखने की अपील की। इसके अलावा नवजात शिशु को जन्म के 24 घंटे के भीतर हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाने और समय पर सभी टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।कार्यक्रम में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं और सभी ने जागरूकता संदेश को अपनाने का संकल्प लिया।