धनबाद निरसा होली को रंगों का त्योहार कहा जाता है जहां लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर खुशियां मनाते हैं। यह पर्व प्रकृति के सभी रंगों को एक साथ समेटे हुए है। लेकिन रंगों से परे होली का एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे बदलाव और नई शुरुआत का समय माना जाता है।वसंत ऋतु के आगमन और शीत ऋतु की विदाई के उपलक्ष्य में फाल्गुन पूर्णिमा की रात को होलिका दहन किया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। इसी क्रम में कुमारधुबी के पुराना चेक पोस्ट रेलवे लाइन के समीप मंगलवार की अहले सुबह 5:55 मिनट के शुभ मुहूर्त में विधिवत होलिका दहन किया गया।मान्यता है कि होलिका दहन से जीवन की सभी नकारात्मक शक्तियां दुख और बुराइयां जलकर नष्ट हो जाती हैं और व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है। होलिका दहन के बाद लोग आपस में मिलकर होली खेलते हैं और एक दूसरे को रंग लगाकर प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हैं।इस अवसर पर स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला और धार्मिक विधि विधान के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।द भारत मित्र की ओर से समस्त दर्शकों और पाठकों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं।