रामगढ़ जिले के मांडू प्रखंड अंतर्गत जोगियागढ़ा बोंगावार में रविवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों के तत्वावधान में आदिवासी आक्रोश महासभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जयवीर हांसदा ने की जबकि संचालन प्रकाश मुंडा द्वारा किया गया।महासभा में आदिवासी समाज की जमीन की लूट धार्मिक प्रतीकों के अपमान तथा गैर आदिवासियों द्वारा आदिवासी धर्म झंडा उखाड़कर फेंकने की घटनाओं पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने इन घटनाओं को आदिवासी अस्मिता पर सीधा हमला बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।सभा में प्रमुख रूप से रामगढ़ जिला को पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र में शामिल करने की मांग दोहराई गई। इसके साथ ही हजारीबाग बोकारो कोडरमा समेत कुल 17 जिलों को पांचवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन को और तेज करने की घोषणा की गई।वक्ताओं ने आदिवासी धर्म को संवैधानिक मान्यता देने और इसे शीघ्र लागू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अब अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट है और आने वाले दिनों में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।महासभा में आदिवासी जन परिषद के केंद्रीय महासचिव प्रेम शाही मुंडा भारत मुंडा समाज के पूर्व जिला अध्यक्ष नरेश मुंडा झाड़ी मुंडा नागेश्वर मुंडा दीपक दास डॉ. मनोज अगरिया श्याम करमाली लालदेव बेदिया, राजू लोहरा प्रेमचंद मुंडा अर्जुन राम विजय नायक जनार्दन मांकी अनीता देवी प्रभा देवी आरती मुंडा गीता मुंडा सुरेश मुंडा सुनील होरो जितेंद्र मुंडा पंकज कुमार बेदिया विक्रम कुमार सहित आदिवासी जन परिषद के जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष अशोक बेदिया समेत बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।