रामगढ़ जिले के राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा के तत्वावधान में चटाक सरना स्थल पर पांचवें सरना झंडा गड़ी वर्षगांठ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कामेश्वर पहान ने की।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रार्थना सभा के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश पहान और विशिष्ट अतिथि के रूप में रामगढ़ जिला उपाध्यक्ष बबीता मुंडा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों एवं पहानों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद अतिथियों का पारंपरिक तरीके से पेट की माला और फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया।इससे पहले सरना स्थल पर पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना और भजन कीर्तन किया गया जिसमें आदिवासी समाज की कई महिलाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजेश पहान ने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी अलग परंपरा संस्कृति रहन सहन और खान पान है  जिसे हमें सहेजकर रखना होगा। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है क्योंकि जब तक आदिवासी समाज शिक्षित नहीं होगा तब तक वह आगे नहीं बढ़ पाएगा।वहीं बबीता मुंडा ने कहा कि अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के लिए आदिवासी समाज को जागरूक होना होगा। जब समाज जागरूक होगा तभी सरना धर्म और परंपरा को आगे बढ़ाया जा सकेगा।उन्होंने बताया कि राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा समाज को शिक्षित और जागरूक करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।इस अवसर पर बोकेश्वर पहान दिगंबर मुंडा किरण मुंडा उर्मिला मुंडा मुकेश मुंडा सुरेश मुंडा संतोष मुंड मनोज मुंडा मछिंद्र पहान बालेश्वर मुंडा आलोमनी पहान सुरेंद्र पहान देव पहान विक्की करमाली बावड़ा पहान विजय मुंडा किशोर राम प्रवील बेदिया विनोद करमाली भूलेश्वरी मुंडा गुलाचो पहान पार्वती पहान भानु मुंडा और कर्म मुंडा सहित सैकड़ों आदिवासी समाज के लोग मौजूद रहे।