गया: बिहार के गयाजी में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे में पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना डोभी प्रखंड के गढ़ करमौनी गांव की है, जहां पुराने कुएं में मोटर ठीक करने उतरे एक व्यक्ति की कथित तौर पर जहरीली गैस के प्रभाव से हालत बिगड़ गई। उसे बचाने के लिए उसका बेटा और दो अन्य लोग भी कुएं में उतर गए। कुछ ही देर में चारों की मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव टीम मौके पर पहुंची और करीब 45 मिनट तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
मोटर ठीक करने कुएं में उतरा था ग्रामीण
जानकारी के मुताबिक, गांव का एक व्यक्ति पुराने कुएं में मोटर ठीक करने के लिए उतरा था। कुएं के अंदर पहुंचते ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह पानी में छटपटाने लगा।
पिता को परेशानी में देखकर उसका बेटा भी उसे बचाने के लिए कुएं में उतर गया। इसके बाद दो अन्य ग्रामीण भी मदद के लिए कुएं में चले गए।
बताया जा रहा है कि कुएं के अंदर मौजूद जहरीली गैस के प्रभाव से चारों की हालत गंभीर हो गई और उनकी मौत हो गई।
रेस्क्यू के दौरान फायर ब्रिगेड कर्मी भी बेहोश
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। कुएं से शवों को बाहर निकालने के लिए अग्निशमन विभाग की टीम को बुलाया गया।
रेस्क्यू के दौरान कुएं में जहरीली गैस का असर इतना अधिक बताया गया कि फायर ब्रिगेड के कुछ कर्मी भी बेहोश हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद चारों शवों को कुएं से बाहर निकाला गया।
मृतकों में पिता-पुत्र भी शामिल
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान विजय चौधरी, विकास चौधरी, दिलचंद मांझी और चमारी मांझी के रूप में हुई है।
विजय चौधरी और विकास चौधरी पिता-पुत्र थे। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। गांव में भी शोक का माहौल है।
जहरीली गैस से कुएं में उतरना बना जानलेवा
पुराने और लंबे समय से बंद या कम इस्तेमाल होने वाले कुओं में ऑक्सीजन की कमी या जहरीली गैस जमा होने का खतरा रहता है। ऐसे कुओं में बिना सुरक्षा उपकरण और गैस की जांच किए उतरना बेहद खतरनाक हो सकता है।
इस हादसे में भी प्रथम दृष्टया जहरीली गैस को मौत की वजह माना जा रहा है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही होगी।
प्रशासन की टीम ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान चलाया। खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से हादसे को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।















