झारखंड DGP तदाशा मिश्रा की नियुक्ति रद्द करने की केंद्र की मांग, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज
नई दिल्ली: झारखंड के DGP तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। केंद्र ने अदालत से तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को अवैध घोषित करने और नियुक्ति प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप करने का आदेश देने की मांग की है। केंद्र का आरोप है कि झारखंड सरकार ने DGP नियुक्ति से जुड़े 2025 के नियमों में बदलाव कर सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह मामले में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन किया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की अर्जी पर गुरुवार को सुनवाई के लिए मामला सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। तदाशा मिश्रा को 30 दिसंबर 2025 को झारखंड का DGP नियुक्त किया गया था। केंद्र की याचिका के मुताबिक, उस समय उनकी सेवानिवृत्ति में केवल एक दिन बाकी था। केंद्र ने इसी नियुक्ति प्रक्रिया और झारखंड सरकार की ओर से नियमों में किए गए बदलाव को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2006 के प्रकाश सिंह मामले में DGP की नियुक्ति को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके तहत राज्य सरकार को UPSC द्वारा पैनल में शामिल अधिकारियों में से DGP का चयन करना होता है। चयन में वरिष्ठता, बेहतर सेवा रिकॉर्ड और अनुभव जैसे मानकों को ध्यान में रखा जाता है। नियुक्त DGP को सामान्य तौर पर कम से कम दो साल का कार्यकाल दिया जाना चाहिए। बाद के आदेशों में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि DGP पद के लिए अधिकारी के पास कम से कम छह महीने की शेष सेवा होनी चाहिए। केंद्र का कहना है कि तदाशा मिश्रा की नियुक्ति के समय इस शर्त का पालन नहीं हुआ। केंद्र के अनुसार, झारखंड के 2025 के DGP नियुक्ति नियमों में पहले अधिकारी के पास कम से कम छह महीने की शेष सेवा होना जरूरी था। केंद्र का आरोप है कि 29 दिसंबर 2025 को इस शर्त को नियमों से हटा दिया गया और अगले ही दिन तदाशा मिश्रा को DGP नियुक्त कर दिया गया। केंद्र ने इस बदलाव की वैधता पर भी सवाल उठाया है। केंद्र के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर 2025 के नियमों और तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को रद्द करने तथा सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नए DGP की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को कहा था। अब केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दाखिल कर नियुक्ति और नियमों की वैधता पर अदालत से निर्देश देने की मांग की है। केंद्र ने अपनी अर्जी में झारखंड के पूर्व DGP अनुराग गुप्ता की नियुक्ति से जुड़े मामले को भी अदालत के सामने रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 के एक आदेश में झारखंड समेत कुछ राज्यों में DGP नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर अनुपालन पर सवाल उठाए थे और राज्य से संबंधित प्रक्रिया पर जवाब मांगा था।प्रकाश सिंह मामले के निर्देश क्या हैं?
झारखंड ने नियुक्ति नियमों में किया था बदलाव
केंद्र ने पहले भी राज्य को लिखा था पत्र
अनुराग गुप्ता की नियुक्ति का मामला भी उठा














