गुमला में दुर्गापूजा, दिवाली और छठ को लेकर प्रशासन अलर्ट, शांति समिति की बैठक में सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक तक बनी रणनीति
गुमला: आगामी दुर्गापूजा, विजयादशमी, दीपावली और छठ पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर गुमला जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के अलावा शांति समिति के सदस्य और पूजा समितियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में पर्वों के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, बिजली, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, अग्निशमन और मूर्ति विसर्जन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों ने प्रशासन के सामने कई सुझाव और समस्याएं रखीं। बैठक में पूजा पंडालों एवं जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, मूर्ति विसर्जन के लिए निर्धारित मार्ग, पर्याप्त रोशनी, पेयजल, विसर्जन वाहनों की उपलब्धता और पंडालों में बैरिकेडिंग की व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। महिला पुलिस बल की तैनाती, डांडिया कार्यक्रमों में सुरक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ प्रखंड मुख्यालयों और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में भीड़ को देखते हुए प्रभावी यातायात प्रबंधन पर जोर दिया गया। छठ घाटों की साफ-सफाई और मरम्मती, नशे तथा असामाजिक गतिविधियों पर कार्रवाई और खराब पड़े CCTV कैमरों को दुरुस्त कराने का मुद्दा भी बैठक में उठा। उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने जिलेवासियों को आगामी पर्वों की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बैठक में मिले सभी सुझावों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को बिजली, पानी, स्वच्छता और प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था करने को कहा। सड़क मरम्मती के संबंध में उपायुक्त ने बताया कि इसकी लगातार समीक्षा की जा रही है। निविदा प्रक्रिया के कारण कुछ कार्यों में विलंब हुआ है। संबंधित एनएचएआई की ओर से कार्य शुरू होने से पहले आवश्यक सड़कों को दुरुस्त करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा ने कहा कि पर्वों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पूजा समितियों से मूर्ति विसर्जन की पूर्व सूचना प्रशासन और पुलिस को देने तथा निर्धारित विसर्जन मार्ग में बिना अनुमति बदलाव नहीं करने की अपील की। उन्होंने पूजा समितियों को पंडाल में पट खुलने की सूचना प्रशासन को देने, पर्याप्त निकास द्वार रखने और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। ज्वलनशील सामग्री और ज्वलनशील कपड़ों के इस्तेमाल से बचने तथा पंडालों का आवश्यक अग्नि सुरक्षा निरीक्षण एवं प्रमाणन कराने पर भी जोर दिया गया। एसपी ने पूजा पंडालों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों पर विशेष नजर रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा। साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक और आपत्तिजनक सूचनाओं पर निगरानी रखने और बिना सत्यापन ऐसी किसी सूचना को आगे साझा नहीं करने की अपील की गई। उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने CCTV व्यवस्था दुरुस्त करने और आवश्यक फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीजे का उपयोग प्रतिबंधित है और इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। अस्पतालों के आसपास तेज आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल से मरीजों को होने वाली परेशानी को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार ने पूजा पंडालों की विद्युत वायरिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने और महालया के बाद पंडालों का नियमित निरीक्षण कराने की बात कही। उन्होंने महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था तथा रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध का पालन कराने की बात कही। एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि पर्वों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विस्तृत यातायात योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने गैर-लाइसेंसी पूजा समितियों से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने की अपील की। उन्होंने प्रत्येक पूजा पंडाल में CCTV कैमरे लगाने पर जोर दिया। इनमें एक कैमरा मूर्ति या मुख्य क्षेत्र और दूसरा बाहरी क्षेत्र को कवर करने के लिए रखने की बात कही गई। इसके अलावा पंडालों में हेल्प डेस्क स्थापित करने और पूजा के दौरान नो-एंट्री व्यवस्था प्रभावी करने का निर्देश दिया गया। विसर्जन के दौरान गोताखोर, फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों को तैयार रखने तथा निर्धारित समय पर विसर्जन संपन्न कराने को कहा गया। शांति समिति की बैठक के बाद उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा की संयुक्त अध्यक्षता में प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ अलग बैठक हुई। इसमें आगामी पर्वों के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, विसर्जन, अग्नि सुरक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया।पंडालों और जुलूस की सुरक्षा पर विशेष जोर
सप्तमी से नवमी तक निर्बाध बिजली देने का निर्देश
विसर्जन मार्ग में बदलाव के लिए लेनी होगी अनुमति
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी
DJ पर रोक, रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध
हर पंडाल में CCTV और हेल्प डेस्क पर जोर
अधिकारियों के साथ भी हुई अलग बैठक














