नई दिल्ली:  चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत दौरे पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। चीन की ओर से उनके दौरे की पुष्टि की गई है।

भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और राजधानी नई दिल्ली में होने वाला यह शिखर सम्मेलन वैश्विक कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, तकनीक, व्यापार तथा बहुपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

सात साल बाद भारत की धरती पर होंगे शी

शी जिनपिंग का यह भारत दौरा करीब सात वर्षों बाद हो रहा है। इससे पहले उन्होंने 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मामल्लपुरम में अनौपचारिक शिखर बैठक में हिस्सा लिया था।

इसके बाद 2020 के गलवान संघर्ष के कारण भारत-चीन संबंधों में तनाव बढ़ा था। हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद और संबंधों में सुधार के प्रयास तेज हुए हैं।

BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी-शी की द्विपक्षीय मुलाकात पर नजर

शी जिनपिंग के भारत दौरे का सबसे अहम पहलू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी संभावित द्विपक्षीय बैठक होगी। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच 12 सितंबर को BRICS सम्मेलन के पहले दिन मुलाकात प्रस्तावित है।

इस बैठक में भारत-चीन संबंधों, सीमा से जुड़े मुद्दों, व्यापार और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग समेत कई अहम विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।

भारत की अध्यक्षता में होगा BRICS सम्मेलन

18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन का आधिकारिक फोकस लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर है।

सम्मेलन के दौरान खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं, व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। सम्मेलन के अंत में नई दिल्ली घोषणा जारी होने की उम्मीद है।

भारत-चीन संबंधों के लिए अहम माना जा रहा दौरा

शी जिनपिंग की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब दोनों देशों के संबंधों में पिछले कुछ समय से सुधार के संकेत मिले हैं। चीनी विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि चीन भारत की BRICS अध्यक्षता का समर्थन करता है और दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग जारी रखने की इच्छा रखता है।

ऐसे में BRICS सम्मेलन के दौरान मोदी और शी की मुलाकात को भारत-चीन संबंधों की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।