गुमला घाघरा प्रखंड के चुंदरी पंचायत अंतर्गत बेती जगुनटोली में ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क का निर्माण किया। लंबे समय से गांव तक सड़क बनाने की मांग के बावजूद सरकारी स्तर पर ठोस पहल नहीं होने से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही सड़क बनाने का निर्णय लिया।ग्रामीणों के अनुसार गांव तक सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों की ओर से लगातार प्रयास भी किए गए, लेकिन सरकारी स्तर पर किसी तरह की ठोस पहल नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर सामूहिक श्रमदान के जरिए सड़क निर्माण शुरू कर दिया।ग्रामीण फावड़ा, कुदाल, गैता और अन्य जरूरी सामान लेकर सड़क निर्माण में जुट गए। सामूहिक मेहनत और एकजुटता से ग्रामीणों ने सड़क को चलने लायक बनाने का प्रयास किया।

एकजुटता की मिसाल, व्यवस्था पर सवाल

ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास ने एक ओर जहां एकजुटता और आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है, वहीं दूसरी ओर सरकारी विकास के दावों पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन बेती जगुनटोली में आज तक एक सड़क का निर्माण नहीं कराया जा सका।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव में पहुंचकर विकास के कई वादे करते हैं और वोट मांगते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद उन वादों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता।

एक साल पहले भी किया था श्रमदान

ग्रामीणों ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले भी इसी सड़क का निर्माण श्रमदान के माध्यम से किया गया था। हालांकि, समय बीतने के साथ सड़क फिर से जर्जर हो गई। सरकारी स्तर से सड़क निर्माण की कोई उम्मीद नजर नहीं आने पर ग्रामीणों ने एक बार फिर अपने श्रम और सामूहिक प्रयास से सड़क बनाने का बीड़ा उठाया।अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके इस प्रयास के बाद स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि मामले का संज्ञान लेंगे और गांव तक स्थायी सड़क निर्माण की दिशा में पहल करेंगे।