SIR पर बाबूलाल मरांडी का विपक्ष पर पलटवार, बोले- समर्थकों के नाम भी कटे तो मुझे आपत्ति नहीं
रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण किसी राजनीतिक दल के फायदे या नुकसान के लिए नहीं, बल्कि सूची को व्यवस्थित और वास्तविक मतदाताओं के अनुरूप बनाने की प्रक्रिया है। मरांडी ने कहा कि मतदाता सूची में मृत लोगों के नाम, दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नाम और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों की पहचान होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि सूची के शुद्धिकरण के दौरान उनके समर्थकों के नाम भी हटते हैं, तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को वास्तविक मतदाताओं के अनुरूप दुरुस्त करना है, तो राजनीतिक दलों को इस प्रक्रिया को समझना चाहिए। उनका कहना है कि सूची में दर्ज मतदाताओं की वास्तविक स्थिति की जांच से मृत, स्थानांतरित और एक से अधिक जगह दर्ज नामों की पहचान की जा सकती है। झारखंड में SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस ने भी हाल में SIR से जुड़ी अपनी आपत्तियां झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष रखी हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी मरांडी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस और झामुमो पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से पहले अपने राजनीतिक नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। मरांडी ने अपने बयान के दौरान 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी भी की। बाबूलाल मरांडी ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासी विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई आदिवासी छात्रावासों की स्थिति ठीक नहीं है और विद्यार्थियों को स्टाइपेंड मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरांडी ने कहा कि विपक्ष की ओर से SIR के साथ-साथ आदिवासी विद्यार्थियों की समस्याओं और राज्य सरकार की नीतियों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया जाता रहेगा। झारखंड में SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस की ओर से निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष प्रक्रिया से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। वहीं, बाबूलाल मरांडी ने SIR का बचाव करते हुए इसे मतदाता सूची को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया बताया है। अब इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया का किया समर्थन
निर्वाचन आयोग को लेकर विपक्ष के सवालों पर भी बोले मरांडी
आदिवासी छात्रों के मुद्दे पर हेमंत सरकार को घेरा
SIR को लेकर झारखंड में बढ़ी राजनीतिक हलचल














