लगातार बारिश के बीच बिजली संकट से जूझ रहे ईचागढ़-कुकड़ू के लोग, अंधेरे में गुजर रही रात
ईचागढ़: ईचागढ़ और कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। क्षेत्र के तालाब और पोखर पानी से लबालब हैं, जबकि कई नदियां उफान पर हैं। इसी बीच बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात से शुक्रवार देर शाम तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप रही। दिन और रात में कई बार बिजली गुल होने के कारण गांवों और बाजारों में अंधेरा पसरा हुआ है। लगातार बारिश के बीच बिजली कटौती ने लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को भी प्रभावित किया है। बिजली नहीं रहने के कारण घरों में लगे पानी के मोटर बंद पड़े हैं। इससे लोगों को पीने का पानी, खाना बनाने और नहाने के लिए पानी की व्यवस्था करने में परेशानी हो रही है। लगातार बारिश के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। वहीं, सड़कों और बाजारों में भी सामान्य दिनों की तुलना में कम आवाजाही देखने को मिल रही है। बिजली कटौती का असर बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ मोबाइल चार्जिंग, ऑनलाइन काम और छोटे व्यवसायों पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने से परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। खासकर रात के समय बिजली नहीं रहने से गांवों में अंधेरा छा जाता है, जिससे लोगों को परेशानी और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है। ईचागढ़-कुकड़ू क्षेत्र के ग्रामीण इन दिनों बारिश और बिजली संकट के साथ जंगली हाथियों के विचरण की चुनौती से भी जूझ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, डुमरा और सितु में गुरुवार देर रात अंधेरे का फायदा उठाकर एक हाथी ने दो घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। ऐसे में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि रात में बिजली नहीं रहने के कारण हाथियों की गतिविधियों को लेकर भी खतरा बना रहता है। ग्रामीणों और उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति बेहद जरूरी है, ताकि पानी की व्यवस्था, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के जरूरी काम प्रभावित न हों।मोटर बंद, पानी की समस्या बढ़ी
बच्चों की पढ़ाई और ऑनलाइन काम प्रभावित
बारिश के साथ हाथियों का भी खतरा
बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग














