गढ़वा पहुंचे संजय सेठ ने कैप्टन स्मित मच्छर के साहस को सराहा, बोले- सैकड़ों लोगों की जान बचाना ही सच्चा गौरव
गढ़वा: रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने गढ़वा में फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के साहस और सूझबूझ की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना सैकड़ों यात्रियों की जान बचाना देश के लिए गर्व की बात है। कैप्टन स्मित मच्छर ने अपने साहस, धैर्य और कर्तव्यनिष्ठा से हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा किया है। स्मित मच्छर की बहादुरी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई लोगों ने सार्वजनिक रूप से सराहना की है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ वडनगर से वाराणसी तक निकली मोटरसाइकिल यात्रा के छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गढ़वा पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छर के साहस की चर्चा करते हुए उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति हमेशा मानवता की रक्षा और लोगों की जान बचाने की सीख देती रही है। संजय सेठ ने कहा कि भारत बुद्ध की अहिंसा और शांति की परंपरा में विश्वास रखता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा होना भी जानता है। संजय सेठ ने कहा कि विमान में संकट की स्थिति के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर ने जिस धैर्य और साहस का परिचय दिया, उससे विमान में सवार लोगों की जान बचाने में मदद मिली। फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में आपात लैंडिंग करानी पड़ी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद अन्य लोगों ने स्थिति को संभालने में मदद की। रक्षा राज्य मंत्री ने कैप्टन मच्छर के जल्द स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना की। उन्होंने कहा कि उनका साहस पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैप्टन स्मित मच्छर के बीच हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन मच्छर की बहादुरी की सराहना की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी। गढ़वा में अपने संबोधन के दौरान संजय सेठ ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब भारत की बेटियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतती हैं, तो विपक्ष के नेताओं को भी उन्हें बधाई देनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विकास, चुनाव आयोग और मजबूत होती अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठाता रहा है। संजय सेठ ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार के बावजूद उसने कोई सबक नहीं लिया है। उन्होंने विपक्ष की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब उसका ध्यान सिर्फ ‘मैं, मेरी मां, मेरी बहन और मेरी कुर्सी’ तक सीमित रह गया है। संजय सेठ ने कहा कि ऐसे लोगों से आखिर क्या उम्मीद की जा सकती है।वडनगर से वाराणसी तक की मोटरसाइकिल यात्रा के दौरान गढ़वा पहुंचे संजय सेठ
‘संकट में धैर्य और साहस का परिचय दिया’
प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत का भी किया जिक्र
विपक्ष पर भी साधा निशाना














