जामताड़ा: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा के तत्वावधान में 4 अक्टूबर को नाला प्रखंड की खैरा पंचायत अंतर्गत कुसुमदहा गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राधिकार के अध्यक्ष और सचिव के निर्देश एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।

ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पीएलवी (अधिकार मित्र) यदुनाथ सिंह ने ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद और पात्र लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

उन्होंने ग्रामीणों को विभिन्न विधिक योजनाओं और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी जागरूक किया। साथ ही लोगों को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग या विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने की अपील की गई।

मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित लोगों को दी गई जानकारी

विधिक जागरूकता कार्यक्रम में मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित और पीड़ित लोगों को न्याय तक पहुंच और विधिक सहायता से संबंधित जानकारी दी गई। ग्रामीणों को मुआवजा और विभागीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।

इसके अलावा, वन्यजीवों से जुड़ी किसी घटना के दौरान कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की गई। ग्रामीणों से कहा गया कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया प्रेरित

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी देते हुए जागरूक किया गया।

विधिक जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना और पीड़ित, प्रभावित एवं जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों तथा न्यायिक सहायता के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में कुसुमदहा गांव के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विधिक सहायता एवं सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की।