छऊ की बैठक पर विधायक प्रतिनिधि सनद आचार्य का हमला, बोले- ‘छऊ में राजनीति बर्दाश्त नहीं’
सरायकेला: छऊ कला के विकास को लेकर उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक पर विधायक प्रतिनिधि सनद आचार्य ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बैठक में कलाकारों और जनप्रतिनिधियों को विधिवत आमंत्रित नहीं किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि छऊ कलाकारों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक में वास्तविक कलाकारों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी जरूरी है। सनद आचार्य ने कहा कि “छऊ हमारी सांस्कृतिक पहचान है, इसमें किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि छऊ कलाकारों के बीच गुटबाजी और राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण कलाकारों को उनका हक नहीं मिल पा रहा है। सनद आचार्य ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानीय लोग कलाकारों का इस्तेमाल अपने स्वार्थ के लिए कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘स्थानीय भस्मासुर’ बताते हुए कहा कि इनके कारण कलाकार अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2004 से कलाकारों के लिए संचालित योजना का लाभ दूसरे जिलों के कलाकारों को मिल रहा है, लेकिन सरायकेला के छऊ कलाकार अब भी इससे वंचित हैं। सनद आचार्य के मुताबिक, कोरोना के बाद वर्ष 2023 में तत्कालीन उपायुक्त अरवा राजकमल के कार्यकाल में इस मामले की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उनके पास दस्तावेजी प्रमाण भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि 29 तारीख को हुई बैठक में भले ही अंतिम निर्णय नहीं लिया गया हो, लेकिन आने वाली बैठकों में छऊ कलाकारों के हित में ठोस निर्णय होना चाहिए। सनद आचार्य ने स्पष्ट कहा कि छऊ केवल एक कला नहीं, बल्कि सरायकेला की सांस्कृतिक पहचान है। इसलिए इसके विकास और कलाकारों के हित से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता और कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छऊ कलाकारों को राजनीति का मोहरा नहीं, बल्कि उनका अधिकार, सम्मान और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए।कलाकारों के इस्तेमाल का लगाया आरोप
2023 में प्रक्रिया आगे बढ़ने का दावा
छऊ को राजनीति से दूर रखने की अपील















