रांची: ड्रग्स नेटवर्क पर NCB-पुलिस का एक्शन, कई रईसजादे और रईसजादी गिरफ्तार, निशाने पर कई सफेदपोश
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में ड्रग्स तस्करी के कथित नेटवर्क को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सामने आए दावों के मुताबिक, नशे के कारोबार का संपर्क बड़े क्लबों और पब में आने-जाने वाले युवाओं तक होने के साथ-साथ शहर से ग्रामीण इलाकों तक फैला हो सकता है। इस मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और रांची पुलिस की कार्रवाई को अहम माना जा रहा है। दावों के अनुसार, ड्रग्स सप्लाई करने वाले नेटवर्क के निशाने पर बड़े क्लबों और पब में जाने वाले युवा थे। इस कथित नेटवर्क में रांची के कुछ संपन्न परिवारों से जुड़े युवाओं की भूमिका होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, किसी व्यक्ति की संलिप्तता की पुष्टि जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही हो सकती है। इस मामले में एक गंभीर दावा यह भी है कि ट्रेन की पैंट्री कार का इस्तेमाल ड्रग्स की तस्करी के लिए किया जाता था। यदि जांच में इसकी पुष्टि होती है, तो रेलवे के जरिए नशीले पदार्थों की आवाजाही और उनकी सप्लाई चेन की पड़ताल अहम हो जाएगी। कथित तौर पर नशे की सप्लाई केवल शहरी इलाकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में जांच का दायरा सप्लायरों, खरीदारों, परिवहन के माध्यमों और संभावित वित्तीय लेन-देन तक बढ़ सकता है। NCB और रांची पुलिस की कार्रवाई के बीच अब इस बात पर नजर रहेगी कि जांच में नेटवर्क की वास्तविक संरचना, ड्रग्स की सप्लाई के स्रोत और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं। किसी भी कथित रसूखदार या सफेदपोश व्यक्ति की संलिप्तता का निष्कर्ष ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।क्लब और पब में आने वाले युवा निशाने पर होने का दावा
ट्रेन की पैंट्री कार से तस्करी का आरोप
शहर से गांवों तक नेटवर्क फैलने की आशंका
जांच से खुल सकते हैं कई अहम राज















