पूर्वी टुंडी धनबाद में कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने आधुनिक खेती का किया निरीक्षण किसानों ने गिनाईं समस्याएं
धनबाद । झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने अपने धनबाद दौरे के दौरान पूर्वी टुंडी प्रखंड के भोजपुर गांव का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आधुनिक तरीके से की जा रही खेती का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी अंजना कुमारी समेत विभागीय टीम मौजूद रही। कृषि निदेशक ने भोजपुर गांव के प्रगतिशील किसान शिशिर गोराई के खेतों का बारीकी से निरीक्षण किया। शिशिर गोराई लगभग साढ़े तीन एकड़ भूमि पर आधुनिक तकनीक से बड़े पैमाने पर सब्जियों और अन्य फसलों की खेती कर रहे हैं। उनके खेतों में बैंगन, करेला, खीरा, हल्दी, अदरक, गेंदा फूल, केला और नेनुआ की खेती की जा रही है। विभिन्न फसलों की उन्नत खेती देखकर निदेशक ने किसान के प्रयासों की सराहना की। क्षेत्र में इस तरह की खेती को किसानों के लिए प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान किसानों ने कृषि निदेशक के सामने खेती में आ रही समस्याओं को रखा। किसान शिशिर गोराई और धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में मवेशियों को खुले में छोड़ दिए जाने के कारण खेतों में लगी फसलों को काफी नुकसान पहुंचता है। इससे बचाव के लिए खेतों की घेराबंदी और फेंसिंग की व्यवस्था जरूरी है। किसानों ने सिंचाई की समस्या का भी जिक्र किया। उन्होंने बेहतर पैदावार के लिए डीप बोरिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा किसानों ने कहा कि यदि खेती के उपयुक्त मौसम में उन्नत किस्म के बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएं, तो फसल उत्पादन और किसानों की आय में सुधार हो सकता है। किसानों की समस्याएं सुनने के बाद कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस बार किसानों को समय पर बीज वितरण सुनिश्चित करने की बात कही। निदेशक ने बताया कि कृषि विभाग किसानों को आधुनिक और उन्नत खेती के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। किसानों की समस्याओं और जरूरतों को समझने के लिए जिले में पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और किसानों से सीधे फीडबैक ले रही हैं। भोजपुर गांव में हुए इस निरीक्षण के दौरान आधुनिक खेती की संभावनाओं के साथ-साथ किसानों की बुनियादी जरूरतें भी सामने आईं। अब किसानों को उम्मीद है कि फेंसिंग, सिंचाई और समय पर बीज उपलब्ध कराने जैसी मांगों पर भी विभाग की ओर से सकारात्मक पहल की जाएगी।उन्नत खेती देखकर कृषि निदेशक ने की सराहना
किसानों ने गिनाईं खेती से जुड़ी समस्याएं
समय पर बीज वितरण का कृषि निदेशक ने दिया आश्वासन















