चाईबासा सोनुआ में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस आयोजित, जैविक खेती पर दिया जोर
चाईबासा: राष्ट्रीय महिला
किसान दिवस के अवसर पर गुरुवार को सोनुआ प्रखंड परिसर में श्रमजीवी महिला समिति,
कर्मजीवी महिला संघ और सेमिना एग्रो के
संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के
रूप में समाजसेवी सह जदयू जिलाध्यक्ष विश्राम मुंडा और जिला परिषद सदस्य जगदीश
नायक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत
आदिवासी पारंपरिक नृत्य के साथ अतिथियों के स्वागत से हुई। इसके बाद एस.एस. पब्लिक
स्कूल, निश्चितपुर के
विद्यार्थियों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने
पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम में महिला
किसानों ने धान, सब्जी
और फलों की खेती से जुड़ी जानकारियां साझा कीं। खेती के क्षेत्र में योगदान देने
वाली कई महिला किसानों को पौधे और शॉल देकर सम्मानित किया गया। वहीं, विभिन्न प्रकार के फल-फूलों और सब्जियों
के बीजों के स्टॉल भी लगाए गए, जिनका
अतिथियों और किसानों ने अवलोकन किया। कार्यक्रम को संबोधित
करते हुए जदयू जिलाध्यक्ष विश्राम मुंडा ने जैविक खेती पर जोर दिया। उन्होंने कहा
कि पहले किसान हल-बैल की मदद से खेतों की जुताई करते थे और जमीन की उर्वरता बनाए
रखने के लिए पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल करते थे। किसानों की पहचान उनकी जमीन और
खेती से जुड़ी है। जमीन को उपजाऊ और जीवंत बनाए रखना जरूरी है, तभी खेती से बेहतर परिणाम प्राप्त किए
जा सकते हैं। उन्होंने महिला
किसानों से रसायन-मुक्त और पारंपरिक खेती के प्रति जागरूक होने की अपील की। साथ ही
रासायनिक खादों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी। जिला परिषद सदस्य
जगदीश नायक ने कहा कि रासायनिक खादों के अत्यधिक इस्तेमाल से जमीन और खेती पर
प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले किसान हल-बैल से खेती करते थे
और घर पर ही जैविक खाद तैयार करते थे। उन्होंने सरकार से महिला किसानों को सशक्त
बनाने और उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाने की अपील की। कार्यक्रम में प्रखंड
विकास पदाधिकारी (बीडीओ) सोमनाथ उरांव और अंचल अधिकारी (सीओ) अनुज टेटे ने भी अपने
विचार रखे। इस अवसर पर प्रखंड
कृषि पदाधिकारी अर्थो भंजन प्रधान, सेमिना
एग्रो के आशुतोष कुमार, कमल
चंद्र किस्कु, करिश्मा
कालुंडिया, रुबी महतो सहित बड़ी
संख्या में महिला किसान तथा श्रमजीवी महिला समिति और कर्मजीवी महिला संघ के सदस्य
उपस्थित रहे।महिला
किसानों को किया गया सम्मानित
जैविक
और पारंपरिक खेती अपनाने पर जोर
महिला
किसानों को सशक्त बनाने की अपील















