लोहरदगा: जिले में पुलिस गश्ती व्यवस्था अब कागजी रिपोर्ट से आगे बढ़कर डिजिटल निगरानी के दायरे में आ गई है। पुलिस गश्ती दल निर्धारित स्थानों पर पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जानकारी अब QR Code स्कैन के माध्यम से सीधे डिजिटल सिस्टम में दर्ज होगी। पुलिस विभाग ने जिले के महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर करीब 107 QR Code लगाए हैं। इसका उद्देश्य गश्ती व्यवस्था को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत जिन स्थानों पर पुलिस पदाधिकारियों और जवानों की गश्ती ड्यूटी निर्धारित की गई है, वहां QR Code लगाए गए हैं। गश्ती दल के अधिकारी या जवान मौके पर पहुंचने के बाद मोबाइल ऐप के माध्यम से QR Code स्कैन करेंगे। स्कैन होते ही गश्ती दल की लोकेशन और मौके पर पहुंचने का समय डिजिटल सिस्टम में दर्ज हो जाएगा।

इससे पुलिस के वरीय अधिकारियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि गश्ती दल निर्धारित स्थान पर वास्तव में पहुंचा या नहीं। साथ ही, गश्ती की नियमितता और प्रभावशीलता पर भी डिजिटल माध्यम से नजर रखी जा सकेगी।

👮 एसपी ने बताया डिजिटल निगरानी का उद्देश्य

लोहरदगा एसपी सादिक अनवर रिजवी ने बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य पुलिस गश्ती को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाना है। निर्धारित स्थानों पर लगाए गए QR Code को गश्ती दल द्वारा स्कैन किया जाएगा, जिससे उनकी लोकेशन और वहां पहुंचने का समय सिस्टम में दर्ज होगा।

एसपी के अनुसार, यदि किसी निर्धारित स्थान पर तय समय के अनुसार गश्ती दल की मौजूदगी दर्ज नहीं होती है, तो इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों तक पहुंच सकेगी। इससे लापरवाही की स्थिति में संबंधित पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करना भी आसान होगा।

📍 अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगाए गए QR Code

पुलिस विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 107 महत्वपूर्ण स्थानों पर QR Code लगाए गए हैं।

  • लोहरदगा क्षेत्र — 51 स्थान
  • कुडू — 20 स्थान
  • सेन्हा — 21 स्थान
  • भंडरा — 15 स्थान

इन स्थानों के जरिए पुलिस गश्ती की जमीनी स्थिति को डिजिटल तरीके से दर्ज करने की व्यवस्था शुरू की गई है।

🚨 अपराध नियंत्रण में भी मिलेगी मदद

पुलिस विभाग को उम्मीद है कि इस पहल से गश्ती व्यवस्था में पारदर्शिता आने के साथ-साथ अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित होने से असामाजिक तत्वों पर निगरानी बढ़ेगी।

किसी घटना की स्थिति में पुलिस गश्ती दल की वास्तविक गतिविधियों और मौके पर मौजूदगी से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड भी अधिकारियों के पास उपलब्ध रहेगा।

कुल मिलाकर, लोहरदगा पुलिस की यह पहल गश्ती व्यवस्था को कागजी दावों से निकालकर तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब गश्ती दल की मौजूदगी केवल रजिस्टर या रिपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि QR Code स्कैन के जरिए उसकी डिजिटल पुष्टि भी होगी।