हजारीबाग: शहर के खजांची तालाब परिसर में शेड निर्माण को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने की दिशा में पहल की गई है। गुरुवार को उपमहापौर अविनाश कुमार यादव की अगुवाई में हुई बैठक में शेड निर्माण पर सहमति बनी। साथ ही, तालाब परिसर के चारों ओर चारदीवारी बनाने या जाली लगाने का काम नहीं करने पर भी सहमति जताई गई। बैठक में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे और लिखित सहमति दर्ज की।

बैठक में निर्माण कार्य को लेकर हुई चर्चा

खजांची तालाब के पास दुर्गा मंदिर परिसर और खाली मैदान में निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर आपत्तियां उठाई गई थीं। मोहल्ले के लोगों ने आवेदन देकर मैदान में पेवर ब्लॉक लगाने और अन्य निर्माण कार्यों को लेकर चिंता जताई थी। उनका आशंका थी कि निर्माण के नाम पर भविष्य में जमीन पर कब्जे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

इसी विवाद को दूर करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई। इसमें शेड निर्माण, पेवर ब्लॉक लगाने और परिसर के भविष्य में उपयोग को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में यह बात सामने रखी गई कि परिसर का उपयोग सार्वजनिक हित में होना चाहिए और इसका इस्तेमाल किसी व्यक्ति के निजी हित के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

चारदीवारी और जाली नहीं लगाने पर लिखित सहमति

बैठक में चर्चा के बाद शेड निर्माण को लेकर सहमति बनी। इसके साथ ही परिसर के चारों ओर चारदीवारी बनाने या जाली लगाने का काम नहीं करने पर भी सहमति दर्ज की गई। इसका उद्देश्य तालाब और आसपास के मैदान के सार्वजनिक उपयोग को बनाए रखना तथा भविष्य में विवाद की आशंका को कम करना है।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में बनी लिखित सहमति को इस विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब निर्माण कार्य के दौरान तय शर्तों का पालन करना अहम होगा।

उपमहापौर और वार्ड पार्षद रहे मौजूद

बैठक में उपमहापौर अविनाश कुमार यादव के अलावा वार्ड पार्षद दीप रंजन, कैलाश साहू, टिंकू खान, मनोज गुप्ता सहित मोहल्ले के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी पक्षों ने बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने पर जोर दिया।

बैठक के बाद शेड निर्माण को लेकर सहमति बनने से विवाद सुलझने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, परिसर के उपयोग और निर्माण कार्य को लेकर लिखित सहमति में तय शर्तों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि खजांची तालाब का सार्वजनिक स्वरूप बना रहे।