कटकमसांडी कोल साइडिंग की समस्याओं पर विधायक प्रदीप प्रसाद सख्त, NTPC को चक्का जाम की चेतावनी
हजारीबाग: कटकमसांडी कोल रेलवे साइडिंग से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने NTPC के पदाधिकारियों की मौजूदगी में कोल साइडिंग परिसर में जनसमस्याओं की चौपाल लगाई। इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए और साइडिंग के संचालन से जुड़ी समस्याओं के साथ क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। चौपाल के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए NTPC के पदाधिकारियों से उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी विकास परियोजना के संचालन में स्थानीय लोगों के अधिकारों, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी जरूरतों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। बैठक में स्थानीय युवाओं को रोजगार और उपलब्ध अवसरों में प्राथमिकता देने की मांग प्रमुखता से उठी। इसके अलावा प्रभावित गांवों में बेहतर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने कोल साइडिंग के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने, नो-एंट्री नियमों को सख्ती से लागू करने तथा धूल और प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने की जरूरत पर भी जोर दिया। भारी वाहनों की आवाजाही से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी उठाई गई। विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि कटकमसांडी कोल रेलवे साइडिंग से प्रभावित लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। स्थानीय नागरिकों को रोजगार के अवसरों में उचित प्राथमिकता मिलनी चाहिए और स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल तथा सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने NTPC के अधिकारियों से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समयबद्ध तरीके से समाधान करने की अपील की। विधायक ने कहा कि जनता के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानीय लोगों की जायज मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई और समस्याओं का समाधान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो जनहित में लोकतांत्रिक तरीके से चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पहल करना उनकी जिम्मेदारी है।रोजगार, स्वास्थ्य और पेयजल की मांग
मांगें पूरी नहीं हुईं तो चक्का जाम















