CM हेमंत का पुतला फूंकने के बाद JLKM नेता पानेश्वर महतो लापता! रात में गाड़ी से ले जाने का दावा, अपहरण की आशंका से मचा हड़कंप
रामगढ़: रामगढ़ विधानसभा से JLKM के पूर्व प्रत्याशी पानेश्वर महतो के अचानक लापता होने की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि पानेश्वर महतो से मंगलवार रात से संपर्क नहीं हो पा रहा है। JLKM से जुड़े कई नेताओं और समर्थकों ने उनके लापता होने की जानकारी साझा करते हुए रामगढ़ पुलिस और जिला प्रशासन से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। इस बीच सोशल मीडिया पर यह दावा भी तेजी से सामने आया है कि पानेश्वर महतो को रात के समय गोबरदरहा चौक के पास एक गाड़ी से कहीं ले जाया गया। हालांकि, उनके अपहरण या किसी एजेंसी द्वारा हिरासत में लिए जाने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले को लेकर रहस्य गहराता जा रहा है। पानेश्वर महतो के लापता होने की घटना को हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बताया गया है कि रामगढ़ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाने को लेकर कथित तौर पर राजनीतिक दबाव की चर्चा थी। इसी के विरोध में पानेश्वर महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन किया था। इसके बाद अचानक उनके संपर्क से बाहर होने को लेकर JLKM समर्थकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। JLKM से जुड़े लोगों की ओर से दावा किया जा रहा है कि पानेश्वर महतो रात के समय गोबरदरहा चौक के आसपास मौजूद थे। इसी दौरान एक गाड़ी वहां पहुंची और कथित तौर पर उन्हें अपने साथ ले गई। घटना के बाद से उनके मोबाइल फोन से संपर्क नहीं होने की बात कही जा रही है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पानेश्वर महतो कहां हैं और उनके साथ वास्तव में क्या हुआ। पानेश्वर महतो के अचानक लापता होने के बाद सोशल मीडिया पर उनके अपहरण या हिरासत में लिए जाने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। JLKM के कई नेताओं का कहना है कि वे लगातार उनसे संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। AJSU और JLKM से जुड़े कुछ लोगों की ओर से भी सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, इन चर्चाओं के बीच यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अपहरण या हिरासत की पुष्टि किसी आधिकारिक एजेंसी की ओर से नहीं की गई है। पानेश्वर महतो के समर्थकों और शुभचिंतकों ने रामगढ़ जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू करने की अपील की है। लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को पानेश्वर महतो के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो वह तुरंत पुलिस या उनके परिजनों को इसकी सूचना दे। JLKM समर्थकों ने उनकी सकुशल वापसी की उम्मीद जताते हुए प्रशासन से मामले की तह तक पहुंचने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। रामगढ़ में पानेश्वर महतो के लापता होने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध का माहौल बना हुआ है। यही वजह है कि उनके अचानक गायब होने की घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताना अभी जल्दबाजी होगी। पानेश्वर महतो के लापता होने के वास्तविक कारण और उनके साथ क्या हुआ, इसका खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने के बाद गायब होने से उठे सवाल
‘रात में गाड़ी आई और पानेश्वर को ले गई’, क्या है दावा?
अपहरण या हिरासत की अफवाहों ने बढ़ाई चिंता
पुलिस-प्रशासन से तत्काल जांच की मांग
राजनीतिक माहौल में गहराया विवाद















