गढ़वा:  जिले के रंका प्रखंड अंतर्गत खपरो गांव में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान प्रपत्र-7 को लेकर सामने आए मामले ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। एक आम व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में पहले से भरे हुए प्रपत्र-7 मिलने की सूचना के बाद अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद प्रवेज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है।

प्रशासन के मुताबिक, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान प्रपत्र-7 का इस्तेमाल निर्धारित प्रक्रिया के तहत किसी नाम को मतदाता सूची से हटाने या उस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। ऐसे में किसी गैर-अधिकृत व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में भरे हुए प्रपत्र मिलना निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

प्रपत्रों पर नहीं मिले BLO के हस्ताक्षर

मामले में प्रशासन की ओर से बताया गया है कि बरामद प्रपत्र-7 पर संबंधित BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) के हस्ताक्षर नहीं पाए गए। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया है।

अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और अधिकृत माध्यम से ही पूरी की जानी चाहिए। किसी अनधिकृत व्यक्ति द्वारा बड़ी संख्या में प्रपत्र भरने या जमा करने की कोशिश से मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा विवाद

इधर, सोशल मीडिया पर वायरल कुछ पोस्ट के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि खपरो पंचायत के कुछ बूथों पर एक विशेष समुदाय के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने का प्रयास किया गया।

हालांकि, इन आरोपों की प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन ने वायरल दावों की सत्यता की जांच किए जाने की बात कही है। वायरल जानकारी में बूथ संख्या 207 और 209 पर मतदाताओं की संख्या को लेकर भी दावे किए गए हैं, जिनकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

‘किसी भी अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’

अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद प्रवेज ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची का शुद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता, गड़बड़ी या भ्रामक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे केवल अधिकृत माध्यम से ही मतदाता सूची से संबंधित प्रपत्र भरें। किसी भी तरह की शंका या परेशानी होने पर संबंधित BLO अथवा निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता

प्रशासन ने कहा है कि प्रत्येक मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति को निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित करने या मतदाता सूची में अनधिकृत तरीके से बदलाव कराने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मामले के सामने आने के बाद संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है प्रपत्र-7?

प्रपत्र-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम को हटाने अथवा नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराने की निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया में किया जाता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में भरे हुए प्रपत्रों का किसी गैर-अधिकृत व्यक्ति के पास पाया जाना प्रशासन के लिए गंभीर विषय माना जा रहा है।

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