AMICE डिग्री को AMIE के बराबर मानने से हाईकोर्ट का इनकार, 3 रिट याचिकाएं खारिज, 6 हफ्ते में DPC कराने का निर्देश
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने जूनियर इंजीनियरों को बड़ा झटका देते हुए AMICE की योग्यता को AMIE के समकक्ष मानने से इनकार कर दिया है। अदालत ने इस संबंध में दायर तीन रिट याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी शैक्षणिक योग्यता को दूसरी योग्यता के समकक्ष घोषित करना विशेषज्ञ शैक्षणिक संस्थानों और सक्षम सरकारी प्राधिकरण का काम है। न्यायालय खुद किसी डिग्री को दूसरी डिग्री के बराबर घोषित नहीं कर सकता। मामले में राजीव कुमार एवं अन्य की ओर से याचिका दायर की गई थी। सुनवाई न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत में हुई। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई दस्तावेज, सरकारी अधिसूचना, आदेश या सक्षम प्राधिकारी का निर्णय रिकॉर्ड पर नहीं ला सके, जिससे यह साबित हो सके कि Institution of Civil Engineers (India), Ludhiana की AMICE योग्यता को AMIE के समकक्ष मान्यता दी गई है। अदालत ने कहा कि केवल पाठ्यक्रम में समानता होने से दो अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताओं को समान नहीं माना जा सकता। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी की ओर से स्पष्ट और विशिष्ट निर्णय या आदेश जरूरी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहे कि AMICE की योग्यता 10 प्रतिशत पदोन्नति कोटे के लिए AMIE के समकक्ष मानी जा सकती है। याचिकाकर्ता अलग-अलग सरकारी विभागों में कार्यरत डिप्लोमा धारक जूनियर इंजीनियर हैं। उन्होंने Institution of Civil Engineers (India), Ludhiana से AMICE योग्यता हासिल की थी। उनकी मांग थी कि AMICE को AMIE के समकक्ष माना जाए और इसके आधार पर उन्हें सहायक अभियंता (Assistant Engineer) के पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत कोटे का लाभ दिया जाए। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उनकी योग्यता AMIE के समकक्ष है, इसलिए उन्हें भी पदोन्नति प्रक्रिया में शामिल किया जाना चाहिए। राज्य सरकार ने याचिकाकर्ताओं की मांग का विरोध किया। सरकार की ओर से कहा गया कि झारखंड में सहायक अभियंता पद पर नियुक्ति और पदोन्नति के लिए लागू नियमों के तहत मान्यता प्राप्त संस्थान से इंजीनियरिंग डिग्री या AMIE जैसी निर्धारित योग्यता को स्वीकार किया गया है। सरकार ने 20 दिसंबर 2010, 2 सितंबर 2013 और 3 मई 2019 के विभागीय आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि Institution of Civil Engineers और Institution of Mechanical Engineers (India) की संबंधित योग्यताओं को सहायक अभियंता पद के लिए मान्यता नहीं दी गई है। प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता अर्पण मिश्रा ने पक्ष रखा। मामले में AICTE की ओर से दाखिल हलफनामे को भी हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण माना। AICTE ने बताया कि केंद्र सरकार के 3 मार्च 2023 के पत्र के अनुसार Institution of Civil Engineers, Ludhiana को केवल शैक्षणिक सत्र 2007-08 तक मान्यता दी गई थी। इसके बाद इस मान्यता का विस्तार नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में खुद बताया है कि उन्होंने संबंधित संस्थान में 2008 से 2013 के बीच नामांकन लिया था। ऐसे में जिस अवधि में उन्होंने AMICE की योग्यता हासिल की, उस समय संस्थान को वैध मान्यता प्राप्त होने का आधार रिकॉर्ड पर नहीं मिला। इसी आधार पर अदालत ने AMICE को AMIE के समकक्ष मानने की मांग को स्वीकार नहीं किया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि दो पाठ्यक्रमों में समानता है, उन्हें समान शैक्षणिक योग्यता नहीं माना जा सकता। किसी योग्यता को दूसरी योग्यता के बराबर मानने के लिए सक्षम प्राधिकरण की स्पष्ट अधिसूचना, आदेश या निर्णय होना आवश्यक है। अदालत ने इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं को AMIE के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत पदोन्नति कोटे का अधिकार देने से इनकार कर दिया। हालांकि हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ताओं के लिए पदोन्नति के सभी रास्ते बंद नहीं हुए हैं। अदालत ने कहा कि वर्ष 2009 के संकल्प में AMIE/समकक्ष योग्यता वाले जूनियर इंजीनियरों के लिए 10 प्रतिशत पदोन्नति कोटे के अलावा अन्य जूनियर इंजीनियरों के लिए 28 प्रतिशत सामान्य पदोन्नति कोटा भी निर्धारित है। यदि याचिकाकर्ता इस 28 प्रतिशत सामान्य पदोन्नति कोटे के तहत निर्धारित योग्यता और अन्य शर्तों को पूरा करते हैं, तो उनके मामलों पर पदोन्नति के लिए विचार किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने मामले में एक और महत्वपूर्ण निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि 5 मई 2026 के अंतरिम आदेश के कारण विभागीय प्रोन्नति समिति यानी DPC की बैठक नहीं हो सकी थी। वहीं, राज्य सरकार ने 6 जुलाई 2026 के सर्कुलर के माध्यम से DPC की बैठक साल में केवल एक बार जुलाई महीने में आयोजित करने का प्रावधान किया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को छह सप्ताह के भीतर DPC की बैठक बुलाने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी पात्र उम्मीदवारों के पदोन्नति मामलों पर नियमों के अनुसार विचार करने को कहा है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं के पक्ष में 5 मई 2026 को पारित अंतरिम आदेश को समाप्त कर दिया। इस तरह हाईकोर्ट ने AMICE को AMIE के समकक्ष मानने की मांग को खारिज करते हुए तीनों याचिकाओं का निपटारा कर दिया, लेकिन पात्र जूनियर इंजीनियरों के लिए 28 प्रतिशत सामान्य पदोन्नति कोटे के तहत अवसर खुला रखा है।AMICE को AMIE के बराबर मानने का नहीं मिला आधार
क्या है पूरा मामला?
सरकार ने AMICE को मान्यता देने का किया विरोध
AICTE के हलफनामे को कोर्ट ने माना अहम
सिर्फ पाठ्यक्रम की समानता से डिग्री बराबर नहीं
28 प्रतिशत सामान्य पदोन्नति कोटे से उम्मीद बरकरार
6 सप्ताह में DPC की बैठक कराने का निर्देश














