रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) को लेकर कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के समक्ष कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्य में अब भी 1 करोड़ 18 लाख से अधिक मतदाताओं के इन्यूमरेशन फॉर्म का डिजिटलीकरण लंबित है, ऐसे में 29 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी करना बेहद कठिन होगा।

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व शिक्षा मंत्री एवं झारखंड सरकार समन्वय समिति सदस्य बंधु तिर्की, झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, कांग्रेस विधायक दल के नेता, मंत्रियों, विधायकों एवं वरिष्ठ नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य में मानसून और धान रोपनी का समय होने के कारण ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में मतदाता सत्यापन और डिजिटलीकरण का कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसी स्थिति में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र मतदाताओं तक पहुंचना संभव नहीं दिख रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा करने की अंतिम तिथि कम-से-कम 15 दिनों के लिए बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित न रह जाए।

इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने प्रत्येक मतदान केंद्र और पंचायत स्तर पर विशेष सुविधा शिविर आयोजित करने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की, जिससे अधिक से अधिक लोग समय पर अपने दस्तावेज जमा कर सकें।

बंधु तिर्की ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह जरूरी है कि हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल हो और किसी भी मतदाता का अधिकार केवल समय की कमी के कारण प्रभावित न हो।