जामताड़ा: समाहरणालय सभागार में बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को लेकर जिला स्तरीय अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न शैक्षणिक सत्रों के प्राप्त छात्रवृत्ति आवेदनों की समीक्षा की गई। इस दौरान छात्रवृत्ति भुगतान में पारदर्शिता और पात्र विद्यार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।

बैठक में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के शैक्षणिक सत्र 2026-27 के कुल 52,675 आवेदन और सत्र 2025-26 के शेष 1,404 आवेदन पर चर्चा की गई। वहीं, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के शैक्षणिक सत्र 2025-26 के तहत राज्य के अंदर स्थित 32 विभिन्न संस्थानों के 7,270 आवेदन तथा राज्य के बाहर अध्ययनरत 68 छात्र-छात्राओं के आवेदन की भी समीक्षा की गई।

प्रत्येक प्रखंड के दो विद्यालयों का होगा भौतिक सत्यापन

उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि छात्रवृत्ति का लाभ केवल योग्य और अहर्ताधारी विद्यार्थियों को मिले, इसके लिए आवेदनों का सत्यापन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाना जरूरी है। उन्होंने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए प्रत्येक प्रखंड के दो-दो विद्यालयों का रैंडम तरीके से भौतिक सत्यापन कराने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए संबंधित शैक्षणिक संस्थानों की भी जांच करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया। जांच का उद्देश्य आवेदनों और विद्यार्थियों की पात्रता का सही तरीके से सत्यापन करना है।

एक सप्ताह में देनी होगी जांच रिपोर्ट

उपायुक्त ने बीईईओ और बीडब्ल्यूओ को निर्देश दिया कि निर्धारित जांच प्रक्रिया पूरी कर एक सप्ताह के अंदर जांच प्रतिवेदन समर्पित करें। उन्होंने कहा कि सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद योग्य आवेदनों का नियमानुसार अनुमोदन किया जाए और छात्रवृत्ति की स्वीकृति जल्द प्रदान की जाए।

प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रवृत्ति योजना का लाभ वास्तविक और पात्र विद्यार्थियों को समय पर मिल सके तथा आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्र, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।