जामताड़ा के करमाटांड़ में साइबर ठगी के आरोप में 4 गिरफ्तार
जामताड़ा: झारखंड के जामताड़ा
जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को
गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर
साइबर अपराध थाना की टीम ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिंडारी रेलवे फाटक के आगे
रेलवे की जमीन पर स्थित एक क्षतिग्रस्त मकान में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने 11
मोबाइल फोन, एक टैब और 12 सिम कार्ड बरामद किए। पुलिस उपाधीक्षक
(साइबर अपराध) अमित रविदास के नेतृत्व में गठित टीम ने 15 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों
की पहचान सीताकाटा गांव निवासी सुनीत कुमार दास (25 वर्ष), कपिल दास (30 वर्ष), सीतेश्वर दास (29 वर्ष) और काशीटांड़ गांव निवासी तनवीर
अंसारी (20 वर्ष) के रूप में हुई
है। चारों करमाटांड़ थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इस मामले में साइबर
अपराध थाना कांड संख्या 68/26, दिनांक
15 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस),
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार
अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार,
आरोपी भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई),
यूको बैंक सहित अन्य बैंकों के केवाईसी
अपडेट के नाम पर लोगों को झांसा देते थे। इसके अलावा ई-चालान, शादी कार्ड, निमंत्रण पत्र, बिजली बिल, गैस पाइपलाइन और पानी के कनेक्शन के नाम
पर एपीके फाइल भेजकर साइबर ठगी करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक,
आरोपी संबंधित कंपनियों और संस्थानों के
पदाधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। व्हाट्सऐप स्क्रीन शेयरिंग के
माध्यम से बैंक खातों से संबंधित जानकारी हासिल कर ठगी किए जाने की बात भी सामने
आई है। पुलिस के अनुसार,
ठगी से प्राप्त रकम विभिन्न राज्यों में
संचालित कथित फर्जी बैंक खातों के माध्यम से निकाली जाती थी। आरोपियों की
गतिविधियों का कार्यक्षेत्र देश के विभिन्न राज्यों में फैला हुआ था। मामले में
पुलिस तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। कार्रवाई करने वाली
टीम में साइबर अपराध थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक पुष्पेश्वर दास, पुलिस निरीक्षक कृष्णा कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक हीरालाल महतो और
रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे। पुलिस मामले में आगे
की कानूनी कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की
पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।बैंक
और विभिन्न सेवाओं के नाम पर ठगी का आरोप
विभिन्न
राज्यों में फैला था ठगी का नेटवर्क
छापेमारी
दल में शामिल थे पुलिस अधिकारी















