गुमला में 7 महिला समूहों को 80% अनुदान पर मिला ट्रैक्टर, किसानों के बीच भी बांटे गए कृषि यंत्र
गुमला: किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने और खेती-किसानी को आसान बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला कृषि विभाग कार्यालय परिसर में कृषि यंत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला भूमि संरक्षण कोषांग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ट्रैक्टर वितरण योजना के तहत सात महिला स्वयं सहायता समूहों को 80 प्रतिशत अनुदान पर ट्रैक्टर वितरित किए गए। इसके अलावा आठ से अधिक किसानों के बीच विभिन्न प्रकार के कृषि यंत्र भी बांटे गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गुमला विधायक भूषण तिर्की और विशिष्ट अतिथि के रूप में उपायुक्त दिलेश्वर महतो उपस्थित रहे। इनके अलावा जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी राम प्रकाश कुमार, भूमि संरक्षण पदाधिकारी अर्चना तिर्की और कृषि अभियंत्रण से संबंधित सहायक अभियंता देवनाथ कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद थे। महिला समूहों को मिलेगा सामूहिक खेती में लाभ कार्यक्रम के दौरान सात महिला स्वयं सहायता समूहों को 80 प्रतिशत अनुदान पर ट्रैक्टर उपलब्ध कराए गए। वहीं, आठ से अधिक किसानों को विभिन्न कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले यंत्र दिए गए। इस पहल से महिला समूहों और किसानों को आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे खेती में लगने वाले समय और श्रम को कम करने के साथ उत्पादकता बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना उद्देश्य : विधायक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि सरकार की यह महत्वपूर्ण और सराहनीय योजना है। भूमि संरक्षण विभाग के माध्यम से ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों का वितरण होने से गांव-गांव तक किसानों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने लाभुकों से उपलब्ध कराए गए कृषि यंत्रों का समुचित उपयोग करने की अपील की। कहा कि इससे कृषि क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे। रबी फसल में भी खेती का रकबा बढ़ाने पर जोर उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि गुमला कृषि प्रधान जिला है और यहां बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से कृषि गतिविधियों से जुड़े हैं। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने का उद्देश्य खेती को आसान बनाना और कृषि उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है। इन यंत्रों की मदद से किसान कम समय और कम श्रम में अधिक प्रभावी ढंग से खेती कर सकेंगे। उन्होंने जिले में उपलब्ध जलाशयों और अन्य जलस्रोतों का बेहतर उपयोग कर कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उपायुक्त ने किसानों से इन संसाधनों का उपयोग करते हुए खेती का दायरा बढ़ाने और रबी फसल के मौसम में भी अधिक से अधिक भूमि पर खेती करने की अपील की। उपायुक्त ने लाभुक महिला समूहों और किसानों से वितरित ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि यंत्रों का सामूहिक और जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने को कहा। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि संसाधनों की उपलब्धता से किसानों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और जिले में कृषि आधारित आजीविका के नए अवसर विकसित होंगे।














