गुमला मरीज मौत मुआवजा मांग
गुमला: इलाज के दौरान भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे एक परिवार ने मरीज की मौत के बाद
जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मुआवजा आर्थिक सहायता तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की
है। यह मांग सामाजिक कार्यकर्ता एवं संगठन की जिलाध्यक्ष सह प्रदेश सचिव देवकी देवी ने सोमवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम
से की। देवकी देवी ने बताया कि जगन्नाथ तिर्की को 9 जून को सदर अस्पताल गुमला में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि मरीज को
रांची रेफर किए जाने के दौरान परिजनों पर दबाव बनाया गया जिसके चलते
इलाज के लिए उन्हें गांव के लोगों से करीब 80 हजार रुपये उधार लेने पड़े। उन्होंने बताया कि मरीज को पहले रांची के एक
निजी अस्पताल ले जाया गया जहां से बाद में रिम्स रेफर किया गया। इलाज के दौरान 5 जुलाई की देर रात उनकी मौत हो गई। सोमवार को
उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया गया। देवकी देवी ने कहा कि गरीब परिवार इलाज के खर्च
के कारण भारी कर्ज के बोझ तले दब गया है। उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से
पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा इलाज के लिए लिए गए कर्ज
का भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने यदि किसी स्तर पर लापरवाही
सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और सदर अस्पताल गुमला में गंभीर बीमारियों
के इलाज की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की। उनका कहना है कि भविष्य
में किसी भी मरीज और उसके परिजनों को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े इसके लिए स्वास्थ्य
व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जाने चाहिए।














