घाघरा गुमला में पीएचईडी की लापरवाही! नवरात्र में पेयजल संकट, सड़क पर बह रहा सप्लाई का पानी
घाघरा गुमला : घाघरा प्रखंड मुख्यालय में पीएचईडी
विभाग की कथित लापरवाही के कारण ग्रामीणों को नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान भी
पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर लोग पर्व-त्योहार की तैयारियों में
जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर नलों
से पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी तरफ, जलापूर्ति की
पाइपलाइन से पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है। जानकारी के अनुसार,
कुछ दिन पहले घाघरा में सोख्ता गड्ढा
निर्माण के लिए जेसीबी मशीन से खुदाई कराई गई थी। इस दौरान पानी की सप्लाई करने
वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। अगले दिन जब पीएचईडी विभाग की ओर से जलापूर्ति
शुरू की गई, तो
क्षतिग्रस्त पाइप से पानी सड़क पर बहने लगा। इससे सड़क पर जलजमाव की स्थिति
उत्पन्न हो गई। पाइपलाइन क्षतिग्रस्त
होने की जानकारी मिलने के बाद विभाग ने जेसीबी से खुदाई कराकर पाइप बदलवाया।
हालांकि, पाइप बदलने के बावजूद
पानी का रिसाव बंद नहीं हुआ। नतीजतन, सप्लाई का पानी लगातार सड़क पर बह रहा है और बर्बाद हो रहा है।
वहीं, स्थानीय लोगों को
नियमित जलापूर्ति का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। पर्व-त्योहार के इस
मौसम में पेयजल की समस्या ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। नवरात्र और
दुर्गा पूजा जैसे महत्वपूर्ण पर्व के दौरान भी लोगों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा
है। सड़क पर पानी बहने के बावजूद घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचना विभागीय
व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। सड़क पर लगातार पानी
जमा होने से ग्रामीणों, दुकानदारों
और राहगीरों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जलजमाव के कारण आवागमन
प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों के बीच पानी की बर्बादी और पेयजल संकट को लेकर
नाराजगी देखी जा रही है। इस पूरे मामले में
जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। क्या सोख्ता गड्ढे की खुदाई के दौरान
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त करने वालों की जिम्मेदारी तय की जाएगी? क्या पीएचईडी विभाग पाइप बदलने के बाद
रिसाव की समुचित जांच करने में विफल रहा? या फिर स्थानीय प्रशासन की निगरानी में कमी के कारण ग्रामीणों
को इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है? कारण चाहे जो भी हो,
इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़
रहा है। जरूरत है कि संबंधित विभाग तत्काल पाइपलाइन के रिसाव को ठीक कर नियमित
जलापूर्ति बहाल करे। साथ ही, सड़क
पर पानी की बर्बादी और जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।पाइप बदलने के बाद भी
नहीं रुका रिसाव
जलजमाव से ग्रामीणों
और दुकानदारों को परेशानी
आखिर इस समस्या के
लिए जिम्मेदार कौन?















