दिशा सालियान केस में रहस्यमयी महिला की एंट्री, अस्पताल पहुंचाने वालों में थी शामिल, CBI जांच में नया सुराग
मुंबई: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI जांच के बीच एक नया सुराग सामने आया है। एक पुराने पुलिस बयान में ऐसी महिला का जिक्र मिला है, जिसकी पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस कांस्टेबल के 15 जून 2020 के बयान के मुताबिक, 8 जून की रात दिशा सालियान को मुंबई के शताब्दी अस्पताल ले जाने वाले तीन लोगों में दो पुरुषों के साथ एक महिला भी मौजूद थी। यह जानकारी अब CBI की नई जांच के दौरान फिर से चर्चा में आई है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पताल में तैनात कांस्टेबल संतोष कचिरत गुनगुने ने 15 जून 2020 को अपना बयान दर्ज कराया था। बयान में डॉक्टर से मिली जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया था कि दिशा को अस्पताल दो पुरुष और एक महिला लेकर पहुंचे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दिशा के मंगेतर रोहन राय और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयानों में उन दो पुरुषों की पहचान उनके दोस्त हिमांशु शिखारे और इंद्रनील वैद्य के तौर पर सामने आई है। हालांकि, तीसरे व्यक्ति के तौर पर बताई गई महिला की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। दिशा सालियान की मौत के मामले में CBI ने सितंबर 2026 में FIR दर्ज की है। यह कदम बॉम्बे हाई कोर्ट के उस आदेश के बाद आया, जिसमें मामले की विस्तृत जांच CBI से कराने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट के समक्ष दिशा के पिता सतीश सालियान ने मामले की नए सिरे से जांच की मांग की थी। CBI की FIR में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती समेत कई लोगों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इन नामों को इस चरण पर आरोपी के तौर पर दर्ज नहीं किया गया है। FIR में संबंधित लोगों की भूमिका की जांच किए जाने की बात कही गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, CBI पुरानी पुलिस जांच से जुड़े रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, फोरेंसिक और पोस्टमॉर्टम से जुड़े दस्तावेजों समेत घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं की दोबारा जांच कर सकती है। जांच में उन लोगों के बयान भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं, जो 8 जून 2020 की रात दिशा को अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया से जुड़े थे। रहस्यमयी महिला का जिक्र इसी पुराने पुलिस बयान में सामने आया है। अब जांच एजेंसी के सामने यह पता लगाने का सवाल है कि वह महिला कौन थी, उस रात दिशा के साथ उसकी मौजूदगी किस संदर्भ में थी और क्या उसके बारे में कोई स्वतंत्र रिकॉर्ड उपलब्ध है। दिशा सालियान मामले में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, लेकिन इन आरोपों का अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर ही तय होगा। CBI की FIR में दर्ज नामों और आरोपों को फिलहाल जांच के दायरे में देखा जा रहा है। अदालत में किसी व्यक्ति की संलिप्तता साबित होने से पहले उसे दोषी नहीं माना जा सकता। अब CBI की जांच में पुराने पुलिस रिकॉर्ड, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष गवाहों के बयान और उस रात के घटनाक्रम से जुड़े अन्य सबूतों की भूमिका अहम हो सकती है। रहस्यमयी महिला की पहचान भी जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु बन सकती है।कांस्टेबल के बयान में महिला का जिक्र
CBI ने दर्ज की FIR
किन पहलुओं की जांच करेगी CBI?
आरोपों की जांच होना बाकी














