रामगढ़: ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की राज्य स्तरीय दिशा समिति (झारखंड) के सदस्य देवेश तिवारी ने अपने रामगढ़ जिला भ्रमण के दौरान सदर अस्पताल, रामगढ़ का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया.

अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली और मरीजों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था को समझा. इस दौरान अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों ने उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं तथा अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़ी जानकारी दी.

अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों को किया सम्मानित

निरीक्षण के दौरान देवेश तिवारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों (Front-line Health Workers) और पैरामेडिकल स्टाफ (Paramedical Staff) के योगदान की सराहना की.

उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने और जरूरतमंद मरीजों तक समय पर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने में फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों और पैरामेडिकल स्टाफ की भूमिका महत्वपूर्ण है.

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ

निरीक्षण के दौरान देवेश तिवारी ने अधिकारियों और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति और जरूरतमंद मरीजों तक पारदर्शी एवं त्वरित तरीके से पहुंचना सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचे.

अस्पताल प्रबंधन और जिला स्तरीय अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान सदर अस्पताल का प्रबंधन, चिकित्सा पदाधिकारी और संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी.

देवेश तिवारी के निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये गये. प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू बनाए रखने और आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहरायी गयी.