धनबाद में एक लाख पौधों से सजा मां दुर्गा का दरबार, पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश
धनबाद: दुर्गापूजा के अवसर
पर धनबाद में एक अनोखा और आकर्षक पंडाल तैयार किया गया है, जो धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण
संरक्षण का संदेश दे रहा है। धनसार स्थित लक्ष्मी नारायण विद्या मंदिर परिसर में
बने इस पंडाल को एक लाख पौधों से सजाया गया है। प्रकृति और भक्ति के अनूठे संगम को
देखने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। धनसार दुर्गा पूजा
समिति ने इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण की थीम पर आधारित पंडाल तैयार कराया है। पंडाल
का बाहरी स्वरूप भगवान जगन्नाथ के चेहरे जैसा बनाया गया है। इसे आकर्षक आकार देने
के लिए बांस के 40 हजार
छोटे टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। पंडाल के अंदर प्रवेश
करते ही चारों ओर हरियाली दिखाई देती है। पौधों से सजे इस परिसर में प्रकृति के
करीब होने का एहसास होता है। पंडाल की सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी
हुई है। पंडाल के भीतर मां
दुर्गा की प्रतिमा को भी प्रकृति से जोड़कर प्रस्तुत किया गया है। यहां मिट्टी और
पेड़ों की जड़ों से मां दुर्गा के प्रकट होने की मनमोहक झांकी बनाई गई है। इस
कलात्मक प्रस्तुति के जरिए प्रकृति के महत्व और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को
दर्शाने का प्रयास किया गया है। धनसार दुर्गा पूजा
समिति के इस आयोजन का कुल बजट 17 लाख
रुपये बताया गया है। इसमें से 9 लाख
रुपये पंडाल निर्माण पर खर्च किए गए हैं। अपनी अनूठी थीम, हरियाली और कलात्मक सजावट के कारण यह
पंडाल दुर्गापूजा के दौरान आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस आयोजन के माध्यम
से श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ पौधों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति
जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया जा रहा है।भगवान
जगन्नाथ के स्वरूप में बना पंडाल
मिट्टी
और पेड़ों की जड़ों से प्रकट होती दिखीं मां दुर्गा
आयोजन
का बजट 17 लाख रुपये















