रांची: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने देश के औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपने प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया है। 15 अक्टूबर 2026 से लागू नए कमांड ढांचे के तहत कोयला सेक्टर की 22 इकाइयों की जिम्मेदारी पूर्वी खंड रांची के महानिरीक्षक प्रबोध चंद्रा को सौंपी गई है। वहीं, स्टील और पावर सेक्टर की इकाइयों को अलग-अलग जोन के अधीन रखा गया है।

CISF मुख्यालय, दिल्ली के आदेश के अनुसार, कोयला, इस्पात और बिजली क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों का प्रशासनिक नियंत्रण अब क्षेत्रवार निर्धारित किया गया है। इस पुनर्गठन का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, क्षेत्रीय अधिकारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट करना और औद्योगिक प्रबंधन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

स्टील और पावर सेक्टर के लिए अलग कमांड

नए प्रशासनिक ढांचे के तहत कोयला सेक्टर की 22 इकाइयां रांची के महानिरीक्षक के नियंत्रण में रहेंगी। इनमें BCCL धनबाद, CCL करगली, मगध-आम्रपाली, SECL बिलासपुर, ECL शीतलपुर, NCL सिंगरौली और नेवेली समेत अन्य इकाइयां शामिल हैं।

वहीं, स्टील सेक्टर की 27 इकाइयों को सेंट्रल सेक्टर भिलाई के अधीन किया गया है। बोकारो, भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर, बर्नपुर और सलेम जैसे औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी महानिरीक्षक पीयूष पांडेय के पास होगी।

इसी तरह, पावर सेक्टर की लगभग 54 इकाइयों को नॉर्थ ईस्ट सेक्टर जोन-1, कोलकाता के अधीन रखा गया है। चंद्रपुरा, बोकारो थर्मल, ललपनिया, कोडरमा, पतरातू और बक्सर समेत इन इकाइयों की कमान महानिरीक्षक ए.के. मोहनका संभालेंगे।

कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा पर रांची से होगी निगरानी

कोयला सेक्टर की इकाइयों का नियंत्रण रांची के अधीन आने से झारखंड समेत अन्य राज्यों में स्थित कोयला प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था के समन्वय में रांची मुख्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। खदानों, कोयला उत्पादन क्षेत्रों और रेलवे साइडिंग की सुरक्षा के साथ-साथ अवैध गतिविधियों पर निगरानी भी इस व्यवस्था का अहम हिस्सा होगी।

नए ढांचे से सुरक्षा संबंधी समस्याओं पर त्वरित निर्णय लेने, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करने और संबंधित औद्योगिक प्रबंधन के साथ तालमेल मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

CISF DIG सुमंत सिंह ने एनके-पिपरवार और मगध-आम्रपाली का किया दौरा

नए कमांड ढांचे के लागू होने के बीच CISF के उप महानिरीक्षक (DIG) सुमंत सिंह ने गुरुवार को एनके-पिपरवार और मगध-आम्रपाली क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और बल की तैनाती, वाहनों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं तथा अन्य जरूरी संसाधनों को लेकर CCL प्रबंधन के अधिकारियों के साथ चर्चा की।

मगध-आम्रपाली क्षेत्र में DIG ने CCL मगध के महाप्रबंधक राजीव रंजन से मुलाकात की। बैठक में सुरक्षा संबंधी समस्याओं, आगामी तैनाती की तैयारियों और लंबित आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और लंबित समस्याओं का जल्द समाधान करने पर जोर दिया।

खदानों और रेलवे साइडिंग का किया निरीक्षण

एनके-पिपरवार पहुंचने पर DIG सुमंत सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उन्होंने CISF की सी-कंपनी परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने बैरक, CCL रेलवे साइडिंग और खदान क्षेत्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था तथा जवानों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।

दौरे के दौरान खदानों से लेकर रेलवे साइडिंग तक सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने के लिए CISF और CCL प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।