बोकारो: चंदनकियारी स्थित जेएसडब्ल्यू पर्वतपुर कोल ब्लॉक में नियोजन और मुआवजे की मांग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 29 अक्टूबर 2026 से कोल ब्लॉक का मुख्य द्वार अनिश्चितकालीन बंद करने की घोषणा के बीच प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। प्रशासन के इस फैसले पर धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो ने कड़ी नाराजगी जताई है।

बोकारो परिसदन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद ढुल्लू महतो ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कोल ब्लॉक आंदोलन को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता के लिए उन्हें बुलाया गया था, लेकिन बैठक में कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

डीसी पर JMM-कांग्रेस के लिए काम करने का आरोप

सांसद ढुल्लू महतो ने उपायुक्त पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिले के डीसी झामुमो और कांग्रेस के कैडर के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने जिले में भ्रष्टाचार का बोलबाला होने और इसमें अधिकारियों की संलिप्तता का भी दावा किया।

सांसद ने आरोप लगाया कि डीसी तस्वीरें छपवाकर नेतागिरी करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनका कार्यकाल छह महीने और बढ़ा देंगे।

निषेधाज्ञा को लेकर प्रशासन पर उठाए सवाल

पर्वतपुर कोल ब्लॉक के मुख्य द्वार के आसपास धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू किए जाने पर भी सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रशासन के इस कदम पर सवाल उठाते हुए अवमानना का मुकदमा दायर करने की चेतावनी दी।

गौरतलब है कि चास की अनुमंडल दंडाधिकारी प्रांजल ढांडा ने कोल ब्लॉक के मुख्य द्वार के 50 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की है। यह कार्रवाई रैयतों की ओर से मुख्य द्वार अनिश्चितकालीन बंद करने की घोषणा के मद्देनजर की गई है।

विस्थापितों को नियोजन और मुआवजा देने की मांग

सांसद ढुल्लू महतो ने स्पष्ट कहा कि पर्वतपुर कोल ब्लॉक के विस्थापितों को हर हाल में नियोजन और मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित रैयतों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

फिलहाल पर्वतपुर कोल ब्लॉक में नियोजन और मुआवजे को लेकर विवाद जारी है। एक तरफ रैयत अपनी मांगों पर अड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू की है। अब देखना होगा कि इस विवाद का समाधान वार्ता के जरिए निकलता है या आंदोलन आगे और तेज होता है।

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