नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम का ऐलान कर दिया है। करीब सात महीने के इंतजार के बाद घोषित नई राष्ट्रीय टीम में संगठन और चुनावी अनुभव रखने वाले कई पुराने चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, कुछ नए चेहरों को भी संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका मिली है।

नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की भी राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर संगठन में वापसी हुई है।

वसुंधरा राजे और राम माधव समेत 11 उपाध्यक्ष

नितिन नबीन की नई टीम में कुल 11 नेताओं को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें वसुंधरा राजे, राम माधव, तीरथ सिंह रावत, बैजयंत जय पांडा, रेखा वर्मा, डी. पुरंदेश्वरी, वी. नरेंद्र भाई दोषी, लाल सिंह आर्या, एम. नागराज, तारिक मंसूर और मधुचंद्र कर शामिल हैं।

वसुंधरा राजे को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना खास माना जा रहा है। वहीं, राम माधव की भी राष्ट्रीय संगठन में वापसी हुई है। राम माधव पहले भी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

स्मृति ईरानी की संगठन में वापसी

नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। स्मृति ईरानी पहले भी भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। नई टीम में उनकी वापसी को पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रीय महासचिव के पद पर कुल आठ नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें सुनील बंसल, विनोद तावड़े, बिप्लब देव, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया शामिल हैं।

पीयूष गोयल को बनाया गया कोषाध्यक्ष

नितिन नबीन की नई टीम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने राजेश अग्रवाल की जगह ली है।

वहीं राजेश मंगल को राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा तरुण चुग को मुख्यालय प्रभारी नियुक्त किया गया है।

बीएल संतोष और अनिल बलूनी की जिम्मेदारी बरकरार

नई टीम में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे के कुछ महत्वपूर्ण पदों पर पुराने चेहरों को ही बरकरार रखा गया है। बीएल संतोष राष्ट्रीय संगठन महासचिव के पद पर बने रहेंगे।

इसी तरह अनिल बलूनी को पहले की तरह पार्टी का मीडिया प्रभारी बनाए रखा गया है। संगठन के स्तर पर सौदान सिंह और शिवप्रकाश को सह-संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

बीडी शर्मा को मिली अहम जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा को सभी पार्टी इकाइयों के समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई है। संगठन में समन्वय की दृष्टि से इस पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नई टीम में महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली है। पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में 10 महिलाओं को शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दीपक महस्के को

भाजपा ने डिजिटल और सोशल मीडिया अभियान को भी नई टीम में अहम स्थान दिया है। दीपक महस्के को सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है।

आने वाले समय में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पार्टी की रणनीति को मजबूत करने में इस जिम्मेदारी की अहम भूमिका मानी जा रही है।

राष्ट्रीय सचिवों की लंबी सूची

नई टीम में कई नेताओं को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी भी दी गई है। इनमें कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, भोला सिंह, प्रदीप वर्मा, जगदीश पटेल, संदीप पाठक, फेंगनोन कोनयाक, संगीता यादव, अनिल एंटनी, एम. वेंकटेशन, मनोज टिग्गा, सिद्धार्थ शंभु, स्वदेश सिंह, मृगांका देब वर्मन, रोहन गुप्ता और जय प्रकाश शामिल हैं।

नड्डा की टीम के कई चेहरों की छुट्टी

नई टीम के ऐलान के साथ ही भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम के कई नेताओं को नई जिम्मेदारी नहीं मिली है।

नड्डा की टीम में राष्ट्रीय महासचिव रहे अरुण सिंह, दुष्यंत गौतम, तरुण चुघ और राधामोहनदास अग्रवाल को नई टीम में जगह नहीं मिली है।

इसी तरह राष्ट्रीय सचिव के पद पर रहे अरविंद मेनन, पंकजा मुंडे, नरेंद्र सिंह, अलका गुर्जर, ओमप्रकाश धुर्वे, रितुराज सिन्हा, कामाख्या प्रसाद ताशा और सुरेंद्र नागर भी नई टीम का हिस्सा नहीं हैं।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे सरोज पांडेय, डीके अरुणा, एम. चुबा राव और अब्दुल्ला कुट्टी को भी नई टीम में शामिल नहीं किया गया है।

संगठन को नई दिशा देने की कोशिश

नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम के गठन को भाजपा के संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई टीम में जहां अनुभवी नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं, वहीं महिला नेताओं, युवा चेहरों और विभिन्न राज्यों के नेताओं को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है।

स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे नेताओं की वापसी तथा वसुंधरा राजे को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने से संगठन में राजनीतिक अनुभव का इस्तेमाल करने की पार्टी की रणनीति भी नजर आती है।

अब नई टीम के सामने आगामी विधानसभा चुनावों और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि नितिन नबीन की नई टीम पार्टी के संगठनात्मक और चुनावी अभियानों को किस तरह आगे बढ़ाती है।