हजारीबाग बड़कागांव बादम कोल ब्लॉक मामले में अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार ने उठाए सवाल
हजारीबाग बड़कागांव: बादम कोल ब्लॉक से
जुड़े भूमि अधिग्रहण, रैयतों
के अधिकार, कोल ब्लॉक आवंटन
प्रक्रिया और खनन गतिविधियों के विभिन्न मुद्दों को लेकर मंगलवार को अधिवक्ता अनिरुद्ध
कुमार के आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रेस कॉन्फ्रेंस
में उन्होंने पूरे मामले की कानूनी एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही
आगामी 2 अक्टूबर को उपवास एवं धरना कार्यक्रम आयोजित
करने की घोषणा की।अधिवक्ता
अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि वर्ष 2004 में तेनुघाट से संबंधित E-MTA
प्रक्रिया के तहत कंपनी को
निर्धारित अवधि के भीतर परियोजना स्थापित करने का प्रावधान था। उन्होंने आरोप
लगाया कि निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने बादम कोल
ब्लॉक के आवंटन से जुड़ी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसकी कानूनी वैधता की
जांच कराने की मांग की।उन्होंने
वर्ष 2013 के कोयला खदान से
संबंधित कानूनों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में भूमि और खनिज संसाधनों से
जुड़े अधिकारों का निर्धारण कानूनी प्रावधानों के तहत होना चाहिए। उन्होंने आरोप
लगाया कि कई मामलों में नियमों की अनदेखी की जा रही है। उनका कहना था कि कुछ लोगों
ने एक-दो डिसमिल जमीन खरीद रखी है, ऐसे
में उनकी रैयती स्थिति और भूमि अधिकारों को लेकर प्रशासन को स्पष्ट स्थिति सामने
रखनी चाहिए। प्रेस
कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव उर्फ गोप को लेकर भी आरोप लगाए
गए। अधिवक्ता अनिरुद्ध कुमार ने दावा किया कि पप्पू यादव ने अपने बेटे के नाम पर
भी जमीन खरीदी है। उन्होंने कथित रूप से कानूनगो स्तर से जुड़े लोगों का समूह
बनाकर फर्जी सेटलमेंट के आधार पर कंपनी के समर्थन में समूह तैयार किए जाने का आरोप
लगाया।उन्होंने
पूरे मामले की जांच कराने के साथ पप्पू यादव उर्फ गोप की संपत्ति की भी जांच कराने
की मांग की। हालांकि, इन
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं है और संबंधित पक्ष का जवाब उपलब्ध
नहीं कराया गया है। अधिवक्ता
अनिरुद्ध कुमार ने भारत सरकार के एमएमडीआर कानून का हवाला देते हुए
कहा कि खनन गतिविधियों से राज्य को मिलने वाले राजस्व तथा संभावित आर्थिक नुकसान
से जुड़े पहलुओं की जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित कर एवं राजस्व व्यवस्था की
समीक्षा करने की भी मांग की।उन्होंने
आरोप लगाया कि सीआईएसएफ के माध्यम से आंदोलनकारियों और
क्षेत्र के लोगों को परेशान किया जा रहा है और इसके पीछे साजिश की जा रही है। उनका
कहना था कि निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो
सकेगी। अधिवक्ता
अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि क्षेत्र की मां, माटी और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आगामी 2
अक्टूबर को एकदिवसीय उपवास एवं धरना
कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अधिक से अधिक संख्या
में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।पप्पू यादव उर्फ गोप
की संपत्ति जांच की मांग
एमएमडीआर कानून का
हवाला देकर राजस्व व्यवस्था पर सवाल
2 अक्टूबर को उपवास और
धरना















