रामगढ़ जिले के भुरकुंडा परियोजना अंतर्गत बलकूदरा खुली खदान में केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम संहिताओं के विरोध में खदान कर्मियों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन 1 अप्रैल को किया गया जिसमें दर्जनों की संख्या में खदान कर्मी शामिल हुए।विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व पप्पू सिंह ने किया। इस दौरान कर्मियों ने केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए श्रम कानूनों को मजदूर विरोधी बताया।प्रदर्शन के दौरान पप्पू सिंह ने कहा कि कोरोना काल में जब अधिकांश फैक्ट्रियां बंद थीं उस समय केवल कोल इंडिया के मजदूरों ने लगातार काम कर देश के बिजली घरों तक कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की थी। इसके बावजूद आज मजदूरों के हितों की अनदेखी की जा रही है।कर्मियों का कहना है कि नए श्रम कानून लागू होने से मजदूरों के अधिकारों में कटौती, नौकरी की असुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सरकार से चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने की मांग की।कर्मियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से पप्पू सिंह रमाकांत दुबे अशोक गुप्ता राजेश भगत भोला खरवार मनोज कुमार प्रदीप राम अजीत कुमार गणेश बेदिया नाकू सिंह संतोष मुंडा राजकुमार कर्माली बबलू हांसदा मुकेश बेलिया मनीष मुर्मू शंभू हांसदा रमेश हांसदा राजकुमार हांसदा मुकेश मुर्मू एवं रामदेव मुंडा सहित अन्य खदान कर्मी उपस्थित थे।