दुमका जिले के मसलिया प्रखंड अंतर्गत दलाही नूनबिल नदी किनारे स्थित बेलियाजोड़ ग्रामीण जलापूर्ति योजना इन दिनों उपभोक्ताओं के लिए महज लॉलीपॉप साबित हो रही है। वर्ष 2024 में लगभग 20 लाख रुपये की लागत से 15 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र बनाया गया था जिसका उद्देश्य चार पंचायतों के 25 गांवों के करीब 3 हजार घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाना था।लेकिन अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही के कारण योजना धरातल पर उतरने से पहले ही दम तोड़ती नजर आ रही है। पाइपलाइन में लगातार लीकेज और पाइप फटने की समस्या के कारण लोगों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। हालात यह है कि दलाही गांव के लोगों को पिछले 15 दिनों से पानी नहीं मिल रहा है।ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के नाम पर लाखों रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। बेलियाजोड़ पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि योजना पंचायत के नाम से है, लेकिन किसी भी गांव में नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। लोगों ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।