9 साल और 9 डेडलाइन के बाद तैयार हुआ बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर, जल्द शुरू होगा ट्रैफिक
नई दिल्ली: दिल्लीवासियों के लंबे इंतजार के बाद बारापुल्ला फेज-3 एलिवेटेड कॉरिडोर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 3.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर और यमुना पुल की नौवीं डेडलाइन भी गुजर चुकी है, लेकिन अब परियोजना के उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई हैं। लोक निर्माण विभाग यानी PWD अगले सप्ताह से कॉरिडोर पर लोड बेयरिंग टेस्ट शुरू करेगा। इसके तहत अलग-अलग स्पैन पर 250 टन से अधिक वजन वाले भारी ट्रकों को चलाकर पुल की क्षमता की जांच की जाएगी। करीब चार दिनों तक चलने वाले इस परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कॉरिडोर भारी यातायात का भार सुरक्षित रूप से उठा सकता है या नहीं। बारापुल्ला फेज-3 परियोजना को वर्ष 2014 में मंजूरी मिली थी और इसे 2017 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवाद, पर्यावरणीय मंजूरियों और अन्य कारणों से परियोजना में लगातार देरी हुई। चार लेन वाला यह एलिवेटेड कॉरिडोर यमुना के बाढ़ क्षेत्र के ऊपर बनाया गया है। इसके शुरू होने के बाद पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार को सराय काले खां, जंगपुरा और एम्स क्षेत्र से सीधा संपर्क मिलेगा। निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचने के बाद PWD ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र भेजकर अगस्त में परियोजना के औपचारिक उद्घाटन के लिए समय मांगा है। सराय काले खां के पास करीब 10 मीटर का बचा हुआ लूप भी जल्द पूरा किए जाने की बात कही गई है। बारापुल्ला एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होने से मयूर विहार, पटपड़गंज और त्रिलोकपुरी समेत पूर्वी दिल्ली के लोगों को दक्षिण दिल्ली की ओर जाने में राहत मिलने की उम्मीद है। कॉरिडोर के चालू होने से कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम होने और यात्रियों को अधिक सुगम एवं सिग्नल-फ्री सफर मिलने की संभावना है। करीब नौ साल की देरी और कई डेडलाइन के बाद अब दिल्लीवासियों की नजर इस बात पर है कि बारापुल्ला कॉरिडोर आखिर कब आम लोगों के लिए खोला जाता है।2014 में मिली थी मंजूरी
अगस्त में उद्घाटन की तैयारी
लाखों लोगों को मिलेगी राहत














