नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली को अधिक हरा-भरा बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (Delhi Ridge Management Board) की पहली उच्चस्तरीय बैठक में अगले चार वर्षों में एक करोड़ से अधिक पौधे और झाड़ियां लगाने की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही रिज क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने, पेड़ों की कटाई पर सख्त निगरानी और पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

रिज क्षेत्र से हटेगा अतिक्रमण, तुरंत होगा पौधरोपण

बैठक में तय किया गया कि दक्षिणी रिज समेत पूरे रिज क्षेत्र से अवैध कब्जे और अतिक्रमण को समयबद्ध अभियान चलाकर हटाया जाएगा। इस अभियान में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), जिला प्रशासन और विशेष टास्क फोर्स मिलकर कार्रवाई करेंगे। कब्जा हटते ही संबंधित भूमि पर तत्काल पौधरोपण किया जाएगा, ताकि दोबारा अतिक्रमण न हो सके।

गैर-वानिकी परियोजनाओं पर रखी जाएगी कड़ी नजर

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार एक स्थायी समिति (Standing Committee) का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता सेंट्रल एम्पावर्ड कमिटी (CEC) के प्रतिनिधि चंद्र प्रकाश गोयल करेंगे। यह समिति रिज क्षेत्र में प्रस्तावित सभी गैर-वानिकी परियोजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करेगी।

100 से अधिक पेड़ काटने पर होगा अनिवार्य निरीक्षण

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि किसी परियोजना के लिए 100 से अधिक पेड़ों की कटाई प्रस्तावित होगी या परियोजना का क्षेत्रफल एक हेक्टेयर से अधिक होगा, तो स्टैंडिंग कमिटी के सभी सदस्य स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद ही आगे की अनुमति पर निर्णय लिया जाएगा।

रिज फंड के उपयोग पर बनेगी नई रणनीति

बैठक में वर्ष 2021 में रिज फंड से जुड़े 223 करोड़ रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले की भी समीक्षा की गई। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा से 152.75 करोड़ रुपये कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास जमा कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इस राशि का उपयोग केवल रिज संरक्षण, हरित विकास और पर्यावरण सुधार योजनाओं में किया जाएगा।

कई परियोजनाओं में मिलीं कमियां

बोर्ड ने मैदानगढ़ी में प्रशासनिक भवन निर्माण, संजय वन के पास वॉटर फीचर और कैफे निर्माण, स्मृति वन में सीवेज पाइपलाइन बिछाने तथा वसंत विहार और जीके-2 के कुछ निजी निर्माण प्रस्तावों की समीक्षा के दौरान कई कमियां चिन्हित की हैं। संबंधित मामलों की आगे विस्तृत जांच और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप समीक्षा की जाएगी।

दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियों का कहना है कि इस व्यापक हरित योजना का उद्देश्य राजधानी में पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना, जैव विविधता बढ़ाना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए अधिक स्वच्छ एवं हरित दिल्ली तैयार करना है।