रांची: रांची स्मार्ट सिटी में अकाउंटेंट के पदों पर चयन प्रक्रिया अब शिकायतों के घेरे में है। अनारक्षित श्रेणी के एक पद पर चयन को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थी को इंटरव्यू में अधिक अंक देकर सफल घोषित किया गया। मामला सामने आने के बाद स्मार्ट सिटी के CEO सूरज कुमार ने चयन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी है। अब इंटरव्यू में शामिल सभी अभ्यर्थियों के अंकों की जांच के बाद ही मामले में आगे का निर्णय लिया जाएगा।

दो पदों के लिए निकाली गई थी भर्ती

रांची स्मार्ट सिटी में अकाउंटेंट के कुल दो पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके लिए 17 जुलाई 2026 को विज्ञापन जारी हुआ था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 8 अगस्त 2026 थी।

इन दो पदों में एक अनारक्षित श्रेणी के लिए और दूसरा अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित था। आवेदन प्राप्त होने के बाद उनकी जांच की गई और पात्रता के आधार पर कुल 31 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया।

चयन प्रक्रिया में नंबरों को लेकर शिकायत

इंटरव्यू के बाद अनारक्षित श्रेणी के पद पर चयन को लेकर शिकायत सामने आई। आरोप लगाया गया कि एक ऐसे उम्मीदवार को अधिक अंक दिए गए, जिसे शिकायतकर्ता ने पद के लिए अयोग्य बताया है। इसी आधार पर चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए हैं।

हालांकि, अभी यह साबित नहीं हुआ है कि चयन में वास्तव में कोई अनियमितता हुई। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और जांच के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।

CEO ने सभी उम्मीदवारों के अंकों का ब्योरा मांगा

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए CEO सूरज कुमार ने इंटरव्यू में शामिल सभी 31 अभ्यर्थियों को दिए गए अंकों का विस्तृत विवरण मांगा है। इस रिकॉर्ड के जरिए उम्मीदवारों के प्रदर्शन और चयन के आधार की समीक्षा की जा सकेगी।

जांच में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्धारित योग्यता, इंटरव्यू में मिले अंक और चयन के मानदंडों के अनुरूप प्रक्रिया पूरी की गई या नहीं। इससे शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी चयन की स्थिति

अब सभी अभ्यर्थियों के अंकों से संबंधित रिपोर्ट की समीक्षा का इंतजार है। रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्मार्ट सिटी प्रबंधन आगे की कार्रवाई तय कर सकता है। सफल उम्मीदवार के नाम की घोषणा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।

फिलहाल मामला शिकायत और जांच के स्तर पर है। किसी उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने या चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी की पुष्टि करने से पहले आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है।