रामगढ़: जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने और सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रामगढ़ के उपायुक्त श्री ऋतुराज ने जिले के तीन राजकीय विद्यालयों का विस्तृत औचक निरीक्षण किया। उपायुक्त ने राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय बनखेता (हरे टोला), राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय दोहाकातू और राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय छत्तरमांडू का निरीक्षण कर विद्यालयों की शैक्षणिक, प्रशासनिक और आधारभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कक्षा में शिक्षक की भूमिका में नजर आए उपायुक्त

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त का अलग अंदाज देखने को मिला। वे सीधे कक्षाओं में पहुंचे और स्वयं शिक्षक की भूमिका निभाते हुए डिजिटल/ब्लैकबोर्ड के सामने खड़े होकर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से संबंधित कई प्रश्न पूछे और उनकी पठन क्षमता, समझ एवं शैक्षणिक दक्षता का आकलन किया।

उपायुक्त ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन बनाए रखने और पूरी लगन के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की।

स्मार्ट क्लास और खेलकूद सुविधाओं का लिया जायजा

उपायुक्त ने विद्यालयों में संचालित स्मार्ट क्लास की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि आधुनिक तकनीक आधारित डिजिटल शिक्षा का लाभ प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित रूप से मिलना चाहिए।

इसके अलावा उन्होंने विद्यालय परिसर में उपलब्ध खेल सुविधाओं और खेल परिसर का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने कहा कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए पढ़ाई के साथ नियमित खेल गतिविधियां भी जरूरी हैं।

विद्यालय परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा रखने के लिए उन्होंने गार्डनिंग, पौधरोपण और बागवानी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विद्यालयों में बच्चों को दिए जा रहे मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता का भी जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्यार्थियों को प्रतिदिन ताजा, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने विद्यालय की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और अन्य आधारभूत सुविधाओं की भी जांच की।

पंजियों में गड़बड़ी और शैक्षणिक कमियों पर शो-कॉज

निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में उपस्थिति सहित विभिन्न प्रशासनिक पंजियों के संधारण में त्रुटियां पाई गईं। इसके अलावा रेल परियोजना और प्रोजेक्ट इंपैक्ट के तहत परीक्षाओं के संचालन एवं विद्यार्थियों के प्रदर्शन में भी कमियां सामने आईं।

इन कमियों पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए संबंधित प्रभारी शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

10 दिनों में कमियां दूर करने का निर्देश

उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री अभय कुमार को विद्यालयों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार, पंजियों की त्रुटियों को दूर कराने और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर पाठ्यक्रम पूरा कराया जाए और अर्धवार्षिक परीक्षाओं का आयोजन समय पर सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान सामने आई सभी कमियों का 10 दिनों के भीतर निराकरण कराया जाए और इसकी अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।