रामगढ़, झारखंड।  आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रामगढ़ समाहरणालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें रखीं।

उपायुक्त ने गंभीरता से सुनीं लोगों की शिकायतें

जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने आम लोगों से बारी-बारी मुलाकात कर उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना। प्राप्त आवेदनों पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

पेंशन, अबुआ आवास और भूमि विवाद से जुड़े आवेदन

जनता दरबार में विभिन्न जनसमस्याओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। इनमें मुख्य रूप से सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन, रोजगार, जाति प्रमाण पत्र, अबुआ आवास योजना, भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, दखल-दिहानी, मुआवजा और नाली निर्माण से जुड़े मामले शामिल रहे।

इन समस्याओं के समाधान के लिए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की निष्पक्षता और गंभीरता से जांच करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाएं लोग

उपायुक्त ऋतुराज ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए सभी विभागीय पदाधिकारी संवेदनशीलता के साथ काम करें और शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक देरी न करें।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

शिकायतों के निष्पादन की होगी समीक्षा

उपायुक्त ने बताया कि जनता दरबार के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन की लगातार समीक्षा की जा रही है, ताकि लोगों को समय पर राहत मिल सके। प्रशासन का उद्देश्य शिकायतों का निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना और आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है।

जनता दरबार के माध्यम से जिला प्रशासन और आम लोगों के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ। अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर नजर रहेगी, ताकि प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन किया जा सके।