नई दिल्ली:  कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के मनुस्मृति को लेकर दिए बयान के बाद दिल्ली में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। राहुल गांधी ने मनुस्मृति को महिला विरोधी बताते हुए युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से इसकी प्रतियां जलाने को कहा था।

रविवार को युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के झंडेवालान स्थित आरएसएस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति की प्रतियां और कुछ पन्ने जलाए।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में भारतीय संविधान की प्रस्तावना की प्रतियां भी थीं। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए कि देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं।

किस घटना के विरोध में हुआ प्रदर्शन?

युवा कांग्रेस के मुताबिक, यह प्रदर्शन उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक कार्यक्रम के बाद हुई कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना के विरोध में किया गया।

कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इस घटना को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा। युवा कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा-आरएसएस की विचारधारा मनुस्मृति से प्रभावित है और इसमें जातिगत भेदभाव की सोच दिखाई देती है।

हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा और आरएसएस का पक्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

राहुल गांधी ने मनुस्मृति को लेकर क्या कहा?

राहुल गांधी ने इससे पहले महिलाओं से जुड़े एक कार्यक्रम में मनुस्मृति का हवाला देते हुए उस विचार की आलोचना की थी, जिसमें महिलाओं को जीवन के अलग-अलग चरणों में पिता, पति और पुत्र के अधीन रहने की बात कही गई है।

राहुल गांधी ने इस विचार को महिला विरोधी और शर्मनाक बताया था। इसी विचार के विरोध में उन्होंने युवा कांग्रेस को मनुस्मृति की प्रतियां जलाने का निर्देश दिया।

‘देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं’

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान की प्रस्तावना हाथ में लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भारत की शासन व्यवस्था भारतीय संविधान के आधार पर चलती है और सामाजिक समानता तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

प्रदर्शन के दौरान मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर भी सवाल उठाए।

मनुस्मृति को लेकर सियासी बहस तेज

राहुल गांधी के बयान और युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद मनुस्मृति को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस इसे सामाजिक समानता और महिला अधिकारों से जोड़कर देख रही है, जबकि इस मुद्दे पर भाजपा और आरएसएस की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है।